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मध्य प्रदेश: दतिया उपचुनाव में मिली हार की होगी समीक्षा, भाजपा ने बनाई जांच समिति

मध्य प्रदेश: दतिया उपचुनाव में मिली हार की होगी समीक्षा, भाजपा ने बनाई जांच समिति
मध्य प्रदेश: दतिया उपचुनाव में मिली हार की होगी समीक्षा, भाजपा ने बनाई जांच समिति

दतिया, 4 अगस्त (आईएएनएस) मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद सामने आए कथित अंदरूनी घात के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने मंगलवार को हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा गठित इस समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है। समिति को उपचुनाव से जुड़े पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर हार के कारणों का विश्लेषण करने तथा अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "दो सदस्यीय समिति चुनाव से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर चुनाव परिणामों के कारणों का विश्लेषण करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपेगी।"

सोमवार को घोषित दतिया उपचुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ भाजपा को बड़ा झटका लगा। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी अशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि अशुतोष तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए। आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव 22,527 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

चुनाव परिणाम के बाद मामला उस समय और तूल पकड़ गया, जब भाजपा के पराजित उम्मीदवार अशुतोष तिवारी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम किया, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली।

भाजपा की यह समिति संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर हार के कारणों की समीक्षा करेगी। माना जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी संगठन आगे की रणनीति तय करेगा और यदि जांच में किसी नेता या कार्यकर्ता की पार्टी विरोधी गतिविधियों की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

यह घटनाक्रम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के उस बयान के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दतिया उपचुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

30 जुलाई को हुए दतिया विधानसभा उपचुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी थी।

भाजपा का चुनाव अभियान उस समय चर्चा में आ गया था, जब पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। अशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद मिश्रा के कुछ समर्थकों ने विरोध स्वरूप राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया था। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए पार्टी के फैसले का सार्वजनिक समर्थन किया था। बाद में उन्होंने अशुतोष तिवारी के पक्ष में प्रचार भी किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा की जीत सुनिश्चित करने की अपील की।

--आईएएनएस

डीएससी

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