मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
भोपाल, 1 मई (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल ने मध्य प्रदेश के लिए मौसम को लेकर विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए राज्य में मौसम अस्थिर रहने, बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार 2 मई (शनिवार) को भी कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और पन्ना समेत कई क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के सीधी और बालाघाट जिलों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
राजधानी भोपाल में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। दिन का तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। खासतौर पर रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान में 10.3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, विशेषकर ग्वालियर और शहडोल क्षेत्रों में।
इसके बावजूद खरगोन राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे कम था।
मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान मौसम प्रणाली कई सक्रिय मौसमी तंत्रों के कारण बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जबकि उत्तर पंजाब और गंगीय पश्चिम बंगाल क्षेत्र में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इन मौसमी प्रणालियों के असर से शहडोल, ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में व्यापक वर्षा हुई। टीकमगढ़ और भितरवार में 30 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
भोपाल, ग्वालियर और सिंगरौली जिलों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं, जबकि शिवपुरी और दमोह में धूलभरी आंधी चली।
आने वाले सप्ताह में अधिकतम तापमान में पहले दो दिनों में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद फिर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों को आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। साथ ही किसानों से पकी हुई फसलों की जल्द कटाई करने को कहा गया है, ताकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान कम किया जा सके।
--आईएएनएस
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