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तमिलनाडु: भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़, नीलगिरि के गांव का संपर्क बाकी इलाकों से टूटा

तमिलनाडु: भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़, नीलगिरि के गांव का संपर्क बाकी इलाकों से टूटा
तमिलनाडु: भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़, नीलगिरि के गांव का संपर्क बाकी इलाकों से टूटा

नीलगिरि, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में थेनगुमाराहाडा गांव के निवासी सोमवार को उस समय फंस गए, जब भारी बारिश के कारण मोयार नदी में बाढ़ आ गई। इससे बाहरी दुनिया से उनका संपर्क टूट गया और भोजन तथा दवाओं जैसी जरूरी चीजों की आवाजाही भी बाधित हो गई।

सत्यमंगलम और मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के पास, कोटागिरी तालुक के घने जंगलों में स्थित एक दूरदराज की बस्ती के लोगों को जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है।

मोयार नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण, नदी पार करने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण सुरक्षित रूप से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से नीलगिरी और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को नदी का पानी बहुत तेज बहाव के साथ बह रहा था, जिससे आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले रास्ते से नदी पार करना खतरनाक हो गया है।

इस रुकावट के कारण दवाइयों और अन्य जरूरी चीजों तक पहुंचने को लेकर चिंता बढ़ गई है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी जरूरतों के लिए गांव के बाहर की सुविधाओं पर निर्भर हैं। खतरनाक हालात के चलते नदी पार करने की सुविधा बंद है।

यह बाढ़ ऐसे समय में आई है, जब पहाड़ी जिले में बारिश से काफी नुकसान हुआ है। पिछले 24 घंटों में यहां भूस्खलन की 60 से ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें छोटी-मोटी मिट्टी खिसकने से लेकर बड़े पैमाने पर ढलान ढहने तक के मामले शामिल हैं।

एक दुखद घटना में, शुक्रवार को मेट्टुपलयम-कुन्नूर पहाड़ी सड़क पर परालियार के पास एक बड़े भूस्खलन की चपेट में आने से 51 वर्षीय सरकारी बस ड्राइवर जनगराज की मौत हो गई। इस घटना ने दिखा दिया है कि लंबे समय तक बारिश होने पर अस्थिर ढलान कितने खतरनाक हो सकते हैं।

कई जगहों पर हुए भूस्खलन के कारण नीलगिरी माउंटेन रेलवे भी प्रभावित हुआ है, जिससे कुन्नूर-मेट्टुपलयम सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। रास्ते में मलबा जमा होने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे जिले में परिवहन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

जिला प्रशासन और फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य चला रहे हैं। भूस्खलन के कारण बंद हुई सड़कों से मिट्टी और मलबा हटाने का काम भी चल रहा है।

जब तक प्रभावित रास्तों को साफ नहीं कर दिया जाता, तब तक मेट्टुपलयम-कुन्नूर सड़क से गुजरने वाले सभी वाहनों को कोटागिरी के रास्ते भेजा जा रहा है। बारिश के कारण जनजीवन पहले से ही अस्त-व्यस्त है, और इन रास्तों को बदलने से पहाड़ी इलाकों में आवाजाही और भी मुश्किल हो गई है।

जिला कलेक्टर ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि जब तक हालात बेहतर नहीं हो जाते, तब तक पहाड़ी सड़कों पर अनावश्यक यात्रा करने से बचें। प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य और सड़क साफ करने का काम जारी है, इसलिए आपातकालीन मदद की जरूरत पड़ने पर आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे नीलगिरी जिला नियंत्रण कक्ष से 1077 या 0423-2450024 पर संपर्क करें।

--आईएएनएस

डीकेएम/एएस

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