भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की तैयारियां तेज, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एयू प्रतिनिधिमंडल से की बैठक
नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शुक्रवार को अफ्रीकी संघ (एयू) आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल एयू स्थायी प्रतिनिधि समिति के अध्यक्ष और भारत में बुरुंडी के राजदूत विली न्यामिटवे के नेतृत्व में भारत पहुंचा था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में भारत और अफ्रीका के बीच बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने तथा आगामी चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अफ्रीकी संघ आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एयू स्थायी प्रतिनिधि समिति के अध्यक्ष विली न्यामिटवे कर रहे थे। भारत-अफ्रीका संबंधों और आगामी भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर सकारात्मक चर्चा हुई। भारत-अफ्रीका साझेदारी दक्षिण-दक्षिण सहयोग का महत्वपूर्ण स्तंभ है।”
भारत 31 मई को नई दिल्ली में अफ्रीकी संघ आयोग के सहयोग से चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में अफ्रीकी देशों के नेता, अफ्रीकी संघ आयोग के सदस्य और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य भारत-अफ्रीका साझेदारी को और मजबूत करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए नई रूपरेखा तैयार करना है।
इस बार सम्मेलन की थीम “आईए स्प्रीट: नवाचार, सुदृढ़ता और समावेशी परिवर्तन के लिए भारत-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी” रखी गई है, जो भारत-अफ्रीका संबंधों की व्यापकता को दर्शाती है।
शिखर सम्मेलन से पहले 28 मई को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और 29 मई को भारत-अफ्रीका विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श होगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन अफ्रीकी देशों और अफ्रीकी संघ आयोग के साथ संवाद को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच है। यह आपसी सम्मान, समानता, एकजुटता और साझा समृद्धि के सिद्धांतों पर आधारित है।
मंत्रालय के अनुसार, पिछली बार हुए सम्मेलन के बाद अफ्रीका के लिए भारत की विकास सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में बड़ा विस्तार हुआ था। आगामी सम्मेलन भारत और अफ्रीका के बीच मित्रता, सहयोग और दक्षिण-दक्षिण साझेदारी को नई मजबूती देने वाला अहम आयोजन माना जा रहा है।
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