मिजोरम के राज्यपाल ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया
आइजोल, 1 जून (आईएएनएस)। मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह ने सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की राष्ट्रव्यापी पहल ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर मृदा क्षरण को रोकना है।
इस अभियान का लक्ष्य रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक और अंधाधुंध उपयोग को कम करके मृदा स्वास्थ्य में सुधार करना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना और सतत कृषि को प्रोत्साहित करना है।
आइजोल स्थित लोक भवन में एक सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने अधिक फसल पैदावार के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की, जिससे कृषि भूमि और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने राज्य की कृषि भूमि की सक्रिय रूप से रक्षा और संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक कृषि पर राष्ट्रीय मिशन पर प्रकाश डाला और पर्यावरण और कृषि उपज की गुणवत्ता दोनों की रक्षा के लिए प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की ओर धीरे-धीरे बढ़ने के महत्व पर जोर दिया।
वीके सिंह ने फसलों को सही मात्रा में पोषण प्रदान करने के लिए पोषक तत्वों की कमी का पता लगाने हेतु मृदा परीक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से इस प्रयास में किसानों को पूर्ण समर्थन और मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि विशेषज्ञों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के समर्पित प्रयासों से राज्य न केवल खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सकता है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि भी सुनिश्चित कर सकता है।
उन्होंने बताया कि मिजोरम की फसलें पहाड़ी ढलानों पर निरंतर झूम खेती (जंगल में फसल जलाकर खेती करने की विधि) के कारण विशिष्ट हैं, जहां पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है। राज्यपाल ने किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों में निरंतर प्रशिक्षण देने, उपज की बेहतर बिक्री के लिए बाजार संबंधों को मजबूत करने और स्वस्थ, उच्च मूल्य वाली जैविक फसलों के उत्पादन पर अधिक जोर देने का आह्वान किया।
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (सीएयू), इम्फाल के कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए खाद्यान्न उत्पादन में ऊर्जा की खपत को कम करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 'खेत बचाओ अभियान' का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के बारे में जागरूकता पैदा करना होगा।
डॉ. मिश्रा ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, किसान पहचान पत्र और फसल बीमा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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