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मिजोरम में 24 मेगावाट जलविद्युत परियोजना की आधारशिला, सीएम लालदुहोमा ने किया शिलान्यास

आइजोल, 19 जनवरी (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को आइजोल जिले में 24 मेगावाट क्षमता वाली तुइरिनी लघु जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना के रूप में स्थापित की जाएगी, जिसे शंघाई स्थित न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से ऋण के माध्यम से वित्त पोषित किया जाएगा।
मिजोरम में 24 मेगावाट जलविद्युत परियोजना की आधारशिला, सीएम लालदुहोमा ने किया शिलान्यास

आइजोल, 19 जनवरी (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को आइजोल जिले में 24 मेगावाट क्षमता वाली तुइरिनी लघु जलविद्युत परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना के रूप में स्थापित की जाएगी, जिसे शंघाई स्थित न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से ऋण के माध्यम से वित्त पोषित किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना तुइरिनी नदी के तट पर लगभग 676.98 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले महीने 10 मेगावाट की थेंज़ावल सोलर पावर परियोजना का उद्घाटन किया गया था, जबकि सुमसुइह में 5 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य जारी है, जिसका लगभग 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। थेंज़ावल और सुमसुइह- दोनों सौर परियोजनाएं पूरी तरह राज्य सरकार के स्वामित्व में हैं।

अन्य प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने शुरू में तुइवई जलविद्युत परियोजना को 210 मेगावाट क्षमता के साथ डिजाइन किया था। हालांकि, जलाशय के कारण पड़ोसी राज्य मणिपुर के कुछ क्षेत्रों के डूबने की आशंका को देखते हुए इसे संवेदनशील मानते हुए इसकी क्षमता घटाकर 132 मेगावाट कर दी गई।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आर्थिक कार्य विभाग ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, उपयुक्त निजी डेवलपर के चयन, निविदा प्रक्रिया और राज्य सरकार द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर की मंजूरी दे दी है। इसके लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर की नियुक्ति हेतु 2.3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और एक वैश्विक प्रतिष्ठा वाली कंपनी को यह कार्य सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि डीपीआर अब पूरी हो चुकी है और वित्तीय प्रबंध अंतिम रूप लेते ही बांध निर्माण का कार्य शुरू किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रस्तावित तलावंग जलविद्युत परियोजना फिलहाल सीडब्ल्यूसी की समीक्षा में है। इस परियोजना के लिए आवश्यक भूवैज्ञानिक जांच कार्य (ड्रिफ्टिंग वर्क) 3 जनवरी 2023 को जारी कार्यादेश के तहत एम/एस बेंजामिन लालपरमाविया, ह्लिमेन को सौंपा गया है। तलावंग परियोजना की डीपीआर सितंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

सौर ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच स्थानों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए अभिरुचि अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी की गई है और शीघ्र ही डेवलपर्स का चयन किया जाएगा।

प्रस्तावित स्थलों में तुमतुइतलांग, सेरछिप वेंगचुंग बावक्मुअल, ह्मुनहमेलथा-देनलुंग क्षेत्र, ह्नाथियाल, त्लाबुंग त्लांग, लालेन, दावहजाउ जाउ और लामजावल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के 75 ग्राम परिषदों ने सौर संयंत्र स्थापना के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में भूमि उपलब्ध कराने की लिखित सहमति दे दी है। सरकार इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है।

अब तक पूरे राज्य में 791 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 2.62 मेगावाट है। यह 60 प्रतिशत केंद्रीय सब्सिडी और स्थान के अनुसार 20–25 प्रतिशत अतिरिक्त राज्य सब्सिडी के माध्यम से संभव हो पाया है।

--आईएएनएस

डीएससी

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