Samachar Nama
×

जमुई मामले को लेकर मीसा भारती ने बिहार सीएम के खिलाफ एफआईआर की मांग की

जमुई मामले को लेकर मीसा भारती ने बिहार सीएम के खिलाफ एफआईआर की मांग की
जमुई मामले को लेकर मीसा भारती ने बिहार सीएम के खिलाफ एफआईआर की मांग की

पटना, 25 सितंबर (आईएएनएस)। राजद की राज्यसभा सांसद मीसा भारती शुक्रवार को पटना के सचिवालय थाने पहुंचीं और जमुई छेड़छाड़ मामले में शामिल नाबालिग लड़की के परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

मीसा भारती ने थाने में लिखित शिकायत दी और कुछ देर तक वहां इंतजार किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार करने या एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह बिना मामला दर्ज हुए थाने से चली गईं।

सचिवालय थाने से बाहर आने के बाद मीसा भारती ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास गई थीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर एक सांसद की एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है तो शिकायत दर्ज कराने के लिए थानों में जाने वाले बिहार के आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी।

उन्होंने कहा, ''हम सचिवालय थाने में जाति की राजनीति करने नहीं आए हैं। हम जनता के चुने हुए प्रतिनिधि और सांसद हैं। अगर मेरी एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिहार के थानों में आम लोगों की क्या स्थिति होती होगी।''

मीसा भारती ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्री का प्रभार भी है। जमुई मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इससे जुड़ी सामग्री प्रसारित करने के मामले में न्यूज चैनलों के कर्मचारियों, यूट्यूबर्स और आम लोगों समेत 250 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

मीसा भारती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पीड़ित परिवार के साथ मुलाकात और इसके बाद तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने से पॉक्सो कानून से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ पॉक्सो एक्ट के उल्लंघन को लेकर न्यूज चैनलों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने खुद एक्स पर एक तस्वीर शेयर की और करीब 20 मिनट बाद उसे डिलीट कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन है या नहीं।

यह विवाद जमुई में एक नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ के मामले से जुड़ा है। पुलिस ने नाबालिग से कथित छेड़छाड़ के आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला उस समय राजनीतिक विवाद में बदल गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान ली गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की।

इसके बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि तस्वीर शेयर करना लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। बाद में यह पोस्ट हटा दी गई। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है तो कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है तो वह अदालत का रुख करेंगे।

मीसा भारती ने बिहार के जमुई, समस्तीपुर, बांका, मधेपुरा और दरभंगा समेत अलग-अलग इलाकों में लड़कियों और महिलाओं से जुड़ी हाल की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये घटनाएं राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं।

अब इस मामले में यह देखना होगा कि पुलिस मीसा भारती की शिकायत पर औपचारिक रूप से क्या कार्रवाई करती है और मुख्यमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीर को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती है या नहीं। पॉक्सो एक्ट के उल्लंघन से जुड़े आरोप का फैसला संबंधित तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर होगा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share this story