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'माघ मेले में भी नाबालिगों का यौन शोषण', अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर में शिकायतकर्ता का दावा

लखनऊ, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रयागराज की पोक्सो अदालत के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक सहयोगी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। यह एफआईआर पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि माघ मेले में भी नाबालिगों का यौन शोषण हुआ था।
'माघ मेले में भी नाबालिगों का यौन शोषण', अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर में शिकायतकर्ता का दावा

लखनऊ, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रयागराज की पोक्सो अदालत के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक सहयोगी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। यह एफआईआर पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि माघ मेले में भी नाबालिगों का यौन शोषण हुआ था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की धारा 351(3) के अलावा लैंगिक अपराधों से जुड़ी 6 अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ शिकायत तुलसी कुंज के आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दर्ज कराई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 14 और 17 साल के दो नाबालिग लड़कों का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में खुद स्वामी और उनके साथियों ने एक साल से ज्यादा समय तक बार-बार यौन शोषण किया। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब दो नाबालिग पीड़ित माघ मेले के दौरान उनके (शिकायतकर्ता) पास आए, उन्हें अपने यौन शोषण के बारे में बताया और पुलिस सुरक्षा पाने में भी उनकी मदद मांगी।

एफआईआर में शिकायतकर्ता ने दावा किया, "अविमुक्तेश्वरानंद के दोनों शिष्यों ने उन्हें बताया कि महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान भी उनके साथ यौन शोषण हुआ था। उनसे कहा गया था कि वे इसे 'गुरु सेवा' के तौर पर लें और भविष्य में उन्हें इसका लाभ मिलेगा।"

आरोप लगाए गए हैं कि दोनों नाबालिगों को आश्रम में अकेले या साथ में बिना कपड़ों के सोने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें धमकी दी गई, और फिर रात में उनका यौन शोषण किया गया।

एफआईआर में दावा किया गया है, "हाल ही में माघ मेले के दौरान भी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाबालिग पीड़ितों का खड़ी कार के अंदर और एक अस्थायी कैंप के अंदर भी यौन शोषण किया।"

एफआईआर में कहा गया है कि जब पीड़ित भागकर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के आश्रम पहुंचे, तभी उन्हें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यौन हरकतों के बारे में बताया। इसके बाद प्रयागराज पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।

हालांकि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज किया है और इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने कहा है कि कानूनी प्रक्रिया से सच्चाई सामने आ जाएगी।

--आईएएनएस

डीसीएच/एबीएम

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