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मेसाबी मेटालिक्स ने 265 मिलियन डॉलर में बेची रॉयल्टी हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा, कंपनी का मूल्यांकन 500 मिलियन डॉलर से अधिक

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। एस्सार समूह समर्थित मेसाबी मेटालिक्स कंपनी एलएलसी (मेसाबी मेटालिक्स) ने अपनी रॉयल्टी हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा द मेटल्स रॉयल्टी कंपनी इंक. (टीएमसीआर) को 265 मिलियन डॉलर में बेचने पर सहमति जताई है। इस सौदे के आधार पर कंपनी के रॉयल्टी प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन 500 मिलियन डॉलर से अधिक आंका गया है।
मेसाबी मेटालिक्स ने 265 मिलियन डॉलर में बेची रॉयल्टी हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा, कंपनी का मूल्यांकन 500 मिलियन डॉलर से अधिक

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। एस्सार समूह समर्थित मेसाबी मेटालिक्स कंपनी एलएलसी (मेसाबी मेटालिक्स) ने अपनी रॉयल्टी हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा द मेटल्स रॉयल्टी कंपनी इंक. (टीएमसीआर) को 265 मिलियन डॉलर में बेचने पर सहमति जताई है। इस सौदे के आधार पर कंपनी के रॉयल्टी प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन 500 मिलियन डॉलर से अधिक आंका गया है।

टीएमसीआर के साथ यह सौदा 132.5-132.5 मिलियन डॉलर की दो समान किश्तों में पूरा किया जाएगा। पहली किश्त का लेनदेन 1 जून 2026 को पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी किश्त अगले 60 दिनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।

कंपनी ने बताया कि इस डील से मिलने वाली अधिकांश राशि का उपयोग मेसाबी मेटालिक्स की भविष्य की विकास योजनाओं में किया जाएगा।

यह सौदा मेसाबी मेटालिक्स की मिनेसोटा स्थित विश्वस्तरीय डायरेक्ट रिडक्शन (डीआर) ग्रेड आयरन ओर खदान, बेनिफिशिएशन प्लांट और पेलेट प्लांट की गुणवत्ता, बड़े पैमाने और दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व को भी साबित करता है। कंपनी की योजना 2026 की तीसरी तिमाही में उत्पादन शुरू करने की है।

उत्पादन शुरू होने के बाद मेसाबी मेटालिक्स उत्तरी अमेरिका में व्यावसायिक रूप से DR-ग्रेड आयरन ओर पेलेट्स का उत्पादन करने वाली चुनिंदा बड़ी कंपनियों में शामिल हो जाएगी।

ये पेलेट्स इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) आधारित स्टील निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण कच्चा माल हैं। वर्तमान में अमेरिका इस प्रकार के पेलेट्स की आपूर्ति के लिए ब्राजील और अन्य देशों से आयात पर काफी हद तक निर्भर है।

कंपनी का उत्पादन घरेलू विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचा, ऑटोमोबाइल, जहाज निर्माण, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी समर्थन देगा।

कंपनी के अनुसार, उत्पादन शुरू होने पर मेसाबी मेटालिक्स वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाले आयरन ओर उत्पादकों में शामिल होगी।

इसका कारण उच्च गुणवत्ता और बड़े भंडार वाली खदान, आधुनिक प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिका के मिडवेस्ट क्षेत्र में इसकी रणनीतिक स्थिति है। कंपनी का लक्ष्य दुनिया के सबसे उच्च गुणवत्ता वाले डीआर-ग्रेड पेलेट्स का उत्पादन करना है, ताकि उसका उत्पाद इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित स्टील कंपनियों की पहली पसंद बन सके।

यह सौदा हाल ही में घोषित 670 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग प्रतिबद्धताओं के बाद हुआ है, जिसमें ब्रेकवॉल कैपिटल से 520 मिलियन डॉलर और मैक्वेरी ग्रुप से 150 मिलियन डॉलर की फंडिंग शामिल है।

इसके अलावा, कंपनी को अमेरिका के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक (इक्जिम) से 10 अरब डॉलर तक के संभावित समर्थन का संकेत भी मिला है।

कंपनी का कहना है कि ये सभी निवेश और फंडिंग प्रतिबद्धताएं अमेरिका की महत्वपूर्ण खनिज और औद्योगिक विकास परियोजनाओं में से एक के रूप में मेसाबी मेटालिक्स पर बढ़ते संस्थागत भरोसे को दर्शाती हैं।

मेसाबी मेटालिक्स के बोर्ड सदस्य आर्टेम मत्युशोक ने कहा कि टीएमसीआर का निवेश कंपनी की गुणवत्ता और रणनीतिक महत्व की एक मजबूत स्वतंत्र पुष्टि है।

उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे अमेरिका अपनी औद्योगिक क्षमता को फिर से मजबूत करने और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रहा है, डीआर-ग्रेड आयरन ओर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संसाधन बन गया है। मेसाबी इस संसाधन की आपूर्ति एक लंबे समय तक चलने वाली अमेरिकी संपत्ति से करने और अपने हितधारकों के लिए बड़ा मूल्य सृजित करने की अनूठी स्थिति में है।"

टीएमसीआर के संस्थापक, चेयरमैन और सीईओ ब्रायन पेस-ब्रागा ने कहा कि मेसाबी मेटालिक्स उत्तरी अमेरिका में विकसित हो रही सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनन परियोजनाओं में से एक है।

उन्होंने कहा, "यह परियोजना बड़े पैमाने, उच्च गुणवत्ता, लंबी खदान आयु और अमेरिका के पुनः औद्योगिकीकरण से सीधे जुड़ाव का अनूठा संयोजन पेश करती है। हमें विश्वास है कि आने वाले दशकों में मेसाबी अमेरिकी इस्पात उद्योग को महत्वपूर्ण आपूर्ति प्रदान करेगी।"

इस डील में स्कोटियाबैंक ने मेसाबी मेटालिक्स और उसकी सहयोगी कंपनियों के लिए विशेष वित्तीय सलाहकार (एक्सक्लूसिव फाइनेंशियल एडवाइजर) के रूप में कार्य किया।

--आईएएनएस

डीबीपी

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