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अमेरिका में बर्फीले तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 20 से अधिक राज्यों में इमरजेंसी

वाशिंगटन, 25 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के बड़े हिस्से में आए भंयकर शीतकालीन तूफान ने भारी बर्फ और जमाव वाली बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से बहुत नीचे चला गया। इस वजह से हजारों घरों की बिजली गुल हो गई और 20 से ज्यादा राज्यों में आपात स्थिति घोषित करनी पड़ी।
अमेरिका में बर्फीले तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 20 से अधिक राज्यों में इमरजेंसी

वाशिंगटन, 25 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के बड़े हिस्से में आए भंयकर शीतकालीन तूफान ने भारी बर्फ और जमाव वाली बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से बहुत नीचे चला गया। इस वजह से हजारों घरों की बिजली गुल हो गई और 20 से ज्यादा राज्यों में आपात स्थिति घोषित करनी पड़ी।

मीडिया रिपोर्टों और सरकारी अधिकारियों के अनुसार, करीब 19 करोड़ लोग, यानी अमेरिका की आधी से ज्यादा आबादी, 37 राज्यों में ठंड और खराब मौसम की चेतावनी के दायरे में रहे। रॉकी पर्वत से लेकर न्यू इंग्लैंड तक बर्फबारी और ठंड का असर देखा गया। न्यू मैक्सिको से टेनेसी घाटी तक बर्फ और ओले की जमाने वाली बारिश हुई, जबकि मिडवेस्ट और मिड-अटलांटिक के कई इलाकों में भारी हिमपात दर्ज किया गया।

इस तूफान के कारण मध्य और पूर्वी अमेरिका में जबरदस्त ठंड पड़ी। कई जगहों पर ठंडी हवाओं के साथ तापमान माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री तक महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान सामान्य से 10 से 40 डिग्री तक नीचे चला गया।

बर्फ और जमाव के कारण बिजली की लाइनें टूट गईं और ढांचे को नुकसान पहुंचा। शनिवार तक पूरे देश में करीब एक लाख 32 हजार से ज्यादा घरों में बिजली नहीं थी। सबसे ज़्यादा असर साउथ और साउथवेस्ट के इलाकों पर पड़ा, जिसमें टेक्सास, लुइसियाना और न्यू मैक्सिको शामिल हैं।

टेक्सास में शनिवार दोपहर तक 57 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की बिजली गुल थी, जबकि लुइज़ियाना में 45 हजार से अधिक घर और संस्थान बिना बिजली के थे। अधिकारियों ने बताया कि लुइज़ियाना के उत्तरी हिस्सों में हालात ज्यादा खराब रहे।

तूफान की वजह से यात्रा व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई, खासकर हवाई सेवाएं। वीकेंड में देशभर में 9 हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और आगे भी रद्द होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि रविवार अमेरिका के विमानन इतिहास में मौसम के कारण उड़ानों के लिए सबसे खराब दिनों में से एक हो सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि डलास-फोर्ट वर्थ, शार्लेट और नैशविले के एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए, इमरजेंसी की घोषणाएं तेजी से फैलती गईं। कम से कम 20 राज्यों, जिनमें टेक्सास, न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, पेन्सिलवेनिया, जॉर्जिया, कैरोलिनास, वर्जीनिया और कई मिडवेस्टर्न और दक्षिणी राज्य शामिल हैं, ने इमरजेंसी की घोषणा की। अधिकारियों के मुताबिक, वाशिंगटन डीसी ने भी इमरजेंसी की घोषणा की।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई राज्यों के लिए संघीय आपात घोषणाओं को मंजूरी दी, जिससे संघीय आपदा प्रबंधन एजेंसी राहत और बचाव कार्यों में मदद कर सके। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने लोगों से लोकल गाइडेंस पर ध्यान देने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की।

नोएम ने कहा, "हम सभी को याद दिलाना चाहते हैं कि इन इमरजेंसी आपदा स्थितियों में, आपके लोकल अधिकारी और लोकल इमरजेंसी मैनेजर ही बाहर जाकर इन आपदाओं पर कार्रवाई करते हैं। आपके राज्य इसे मैनेज करते हैं और फेडरल सरकार सपोर्ट के लिए यहां है।”

देश के कई हिस्सों में नेशनल गार्ड को तैनात किया गया। कम से कम 12 राज्यों के जवान सड़कों से बर्फ हटाने, फंसे यात्रियों की मदद करने और स्थानीय समुदायों को सहयोग देने में जुटे हैं।

साउथ कैरोलाइना में अधिकारियों ने लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती के लिए तैयार रहने को कहा। गवर्नर हेनरी मैकमास्टर ने कहा कि भारी बर्फ़ जमा होने के कारण कुछ इलाकों में कई दिनों तक बिजली नहीं रह सकती है।

मौसम विभाग ने इसे लगभग 20 वर्षों में क्षेत्र का सबसे गंभीर बर्फीला तूफान बताया। वर्जीनिया की राज्यपाल एबिगेल स्पैनबर्गर ने इस तूफान को “बहुत विनाशकारी” बताया।

वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में संघीय दफ्तरों को सोमवार को बंद रखने और अधिकतम घर से काम करने के आदेश दिए गए। न्यू जर्सी में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी सुरक्षा कारणों से रोक दी गईं।

इस तूफान ने खास तौर पर टेक्सास की बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि मौसम विभाग ने कहा कि अगले सप्ताह हालात धीरे-धीरे सुधर सकते हैं, लेकिन न्यू इंग्लैंड और ग्रेट लेक्स के आसपास कुछ इलाकों में ठंड और बर्फ बनी रह सकती है। तब तक लोगों को घर पर रहने, यात्रा सीमित रखने और लंबे व्यवधान के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

--आईएएनएस

एएस/

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