मारुति सुजुकी ने गुजरात में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपए के जमीन सौदे को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। मारुति सुजुकी ने सोमवार को ऐलान किया कि उसके बोर्ड ने गुजरात में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 4,960 करोड़ रुपए के जमीन सौदे को मंजूरी दे दी है।
मारुति सुजुकी इंडिया ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि यह भूमि अधिग्रहण गुजरात औद्योगिक विकास निगम से खोराज औद्योगिक एस्टेट में उत्पादन क्षमता के विस्तार के लिए किया गया है और यहां करीब 10 लाख गाड़ियों के उत्पादन क्षमता का विस्तार किया जाना है।
इसमें कहा गया कि बोर्ड द्वारा भूमि अधिग्रहण, विकास और प्रारंभिक गतिविधियों की लागत के लिए 4,960 करोड़ रुपए मंजूर किए गए है और साथ ही कहा गया है कि क्षमता स्थापना के चरणों को निर्धारित करते समय बोर्ड द्वारा कुल निवेश को अंतिम रूप दिया जाएगा और अनुमोदित किया जाएगा।
कंपनी ने आगे कहा कि इस राशि की फंडिंग आंतरिक गतिविधियों और बाहरी कर्ज से की जाएगी।
कंपनी ने फाइलिंग में कहा, “गुरुग्राम, मानेसर, खरखौदा और हंसलपुर में कुल मौजूदा उत्पादन क्षमता लगभग 24 लाख यूनिट प्रति वर्ष है, जिसे 26 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें पूर्व सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उत्पादित इकाइयां भी शामिल हैं, जिसका कंपनी में विलय कर दिया गया है।”
वाहन निर्माता कंपनी ने बताया कि मौजूदा क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है।
कार निर्माता कंपनी ने 2025 में 22.55 लाख से ज्यादा गाड़ियां बनाईं - जो किसी कैलेंडर वर्ष में उसका अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है। यह लगातार दूसरा साल है जब मारुति सुजुकी इंडिया ने सालाना उत्पादन में 20 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार किया है। इस प्रोडक्शन में घरेलू बिक्री, निर्यात ओईएम सप्लाई के लिए गाड़ियां शामिल हैं।
मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, हिसाशी ताकेउची ने कहा कि ज्यादा स्थानीय उत्पादन से कंपनी को इतना बड़ा स्केल हासिल करने में मदद मिली, साथ ही भारत के ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस भी बनी रही।
मारुति सुजुकी इंडिया ने 2025 में 3.95 लाख गाड़ियां निर्यात की हैं, जो किसी भी कैलेंडर वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह 2024 के निर्यात के मुकाबले 21 प्रतिशत अधिक है।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में घरेलू बाजार में 40 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी वाली यह कंपनी बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने और इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई करने के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाकर सालाना 4 मिलियन यूनिट करने की योजना बना रही है।
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