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दिल्ली : घर के बाहर शराब पीने और शोर करने से रोका तो मणिपुरी संगीतकार पर किया हमला, मौत

दिल्ली : घर के बाहर शराब पीने और शोर करने से रोका तो मणिपुरी संगीतकार पर किया हमला, मौत
दिल्ली : घर के बाहर शराब पीने और शोर करने से रोका तो मणिपुरी संगीतकार पर किया हमला, मौत

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, उनके घर के बाहर शराब पीने और शोर मचाने को लेकर कुछ डिलीवरी कर्मियों और ढाबा कर्मचारियों के साथ उनका विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने विक्रम सिंह पर लात-घूंसों से हमला कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी थाने को विक्रम सिंह पर हमले की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि मणिपुर के रहने वाले विक्रम सिंह कई सालों से किलोकरी गांव में रह रहे थे। घटना के समय उनके अपार्टमेंट के बाहर कुछ लोग कथित तौर पर शराब पी रहे थे और तेज आवाज में शोर कर रहे थे। विक्रम ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।

पुलिस के अनुसार, कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने विक्रम सिंह पर लगातार मुक्कों और घूंसों से हमला किया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उनका बेटा याइफाबा उन्हें तुरंत होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय भरत कुमार, 26 वर्षीय प्रमोद, 22 वर्षीय रमजान खान, 21 वर्षीय दीपांशु, 32 वर्षीय मोहन विश्वकर्मा, 36 वर्षीय विजय और 26 वर्षीय मन्नू के रूप में हुई है।

पुलिस का कहना है कि ये सभी अलग-अलग ढाबों और फूड स्टॉल पर काम करते हैं।

घटना के बाद नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी (एनईएसएसडीयू) ने भी विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताया। संगठन ने उन्हें एक सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताते हुए घटना की निंदा की। ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि विक्रम ने अपने अपार्टमेंट के बाहर कुछ लोगों को कथित तौर पर शराब पीते और शोर करते देखा था। इसके बाद वह नीचे गए और उनसे आवाज कम करने के लिए कहा, जिसके बाद उन पर हमला किया गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

छात्र संगठन ने इस घटना को 'बेवजह की हिंसा' करार देते हुए प्रशासन से मामले की तेज, निष्पक्ष और पूरी जांच की मांग की है। संगठन ने कहा है कि जांच में जो लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल पुलिस घटना के पीछे के पूरे विवाद और हमले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के आधार पर अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

पीके/एएस

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