भारत-नेपाल सीमा के पास मणिपुर का युवक कारतूस के साथ गिरफ्तार
कोलकाता, 15 अक्टूबर (आईएएनएल)। भारत-नेपाल सीमा के पास सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने मणिपुर के एक युवक को पकड़ा, जिसके पास से कारतूस बरामद किया गया।
युवक का दावा है कि उसे यह गोली अपने घर के पास मिली थी और उसने इसे अपने पास रख लिया था। वहीं, पुलिस उसके बैकग्राउंड की जांच के लिए मणिपुर के अधिकारियों के संपर्क में है।
यह घटना तब हुई, जब एसएसबी की बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम 'न्यू ब्रिज' पर रूटीन चेकिंग कर रही थी। यह पुल पश्चिम बंगाल के पानीटंकी को नेपाल के काकरभिट्टा से जोड़ता है। नेपाल की ओर जा रही एक एम्बुलेंस को बॉर्डर से लगभग 350 मीटर दूर रोककर उसकी तलाशी ली गई।
सामान की जांच के दौरान 20 वर्षीय पाओगौलुन हाओकिप के बैग से 9एमएम का कारतूस मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। हाओकिप मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरेह का रहने वाला है।
गोली पर '9एमएम 2जेड केएफ 20' लिखा था, जिससे पता चलता है कि इसे महाराष्ट्र के पुणे के पास किरकी स्थित गोला-बारूद फैक्ट्री में बनाया गया था। इस तरह के प्रतिबंधित बोर वाले गोला-बारूद पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को जारी किए जाते हैं।
एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "पूछताछ के दौरान हाओकिप ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ मणिपुर से नेपाल के काकरभिट्टा जा रहा था। वे अपने पिता के इलाज के लिए 'मेची आई हॉस्पिटल' जा रहा था।
बैग से कारतूस मिलने मिलने के बारे में उसने बताया कि उसे यह करीब तीन महीने पहले जमीन पर पड़ा मिला था और तब से उसने इसे अपने पास रख लिया था। उसने दावा किया कि उसे पता ही नहीं था कि उसके बैग में यह गोली मौजूद है।"
मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में स्थित मोरेह, म्यांमार की सीमा पर है। यह इलाका उग्रवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। राज्य में पिछले तीन साल से भी अधिक समय से भीषण जातीय हिंसा चल रही है। कई उग्रवादी गुट इन झड़पों में शामिल रहे हैं, जिनमें 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
पुलिस के शस्त्रागारों से भी भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद लूटे गए हैं। इनमें से कुछ तो बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ मिलना बाकी है।
अधिकारी ने कहा, "फिलहालहम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहे हैं। उसके बैकग्राउंड की जांच के लिए सारी जानकारी मणिपुर के अधिकारियों को भेजी जा रही है। भले ही उसकी बात सच हो, फिर भी बिना उचित दस्तावेजों के गोली अपने पास रखने के लिए उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने कहा कि अगर नेपाल के अधिकारियों को वह गोली मिल जाती, तो उस युवक के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती थी, क्योंकि वहां बंदूक से जुड़े कानून काफी सख्त हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी चीजें कभी अपने पास नहीं रखनी चाहिए, भले ही वे उन्हें कहीं पड़ी हुई मिले। उन्हें तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। अगर कोई गलती से ऐसी चीज उठा भी लेता है, तो उसे पुलिस को सौंप देना चाहिए।
कुछ दिन पहले पानीटंकी में एसएसबी के जवानों ने सिक्किम के एक निवासी को पकड़ा था, जो एक लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल, 49 कारतूस के साथ नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।
अधिकारियों ने तब कहा था कि लोगों को कभी किसी हथियार के साथ दूसरे देश में जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, भले ही भारत में उसका वैध लाइसेंस ही क्यों न हो। ऐसे हथियारों की जानकारी देनी होती है और उन्हें कस्टम चेक पोस्ट पर जमा कराना पड़ता है।
--आईएएनएस
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