मणिपुर में तीन मैतेई ग्रामीणों की हत्या के बाद घाटी के जिलों में बंद, जनजीवन प्रभावित
इंफाल, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर के घाटी वाले जिलों में मंगलवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। मणिपुर में मैतेई समुदाय के तीन लोगों की संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा हत्या के विरोध में एक नागरिक संगठन ने 48 घंटे के बंद का आह्वान किया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।
अधिकारियों ने बताया कि बंद के कारण मुख्य रूप से मैतेई समुदाय की आबादी वाले घाटी के पांच जिले (इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थोबल, बिष्णुपुर और काकचिंग) में दुकानें, बाजार, स्कूल-कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सरकारी व निजी कार्यालय बंद रहे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सड़कों से नदारद रहा जबकि प्रभावित इलाकों में कुछ निजी वाहन ही चलते दिखे।
मंगलवार और बुधवार के लिए बंद का आह्वान करने वाले नेटिव पीपुल कमेटी मणिपुर (एनपीसीएम) के सदस्यों ने इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट जिलों के अलग-अलग हिस्सों में सड़कें जाम कीं और सोमवार को कांगपोकपी जिले की सुनुरोक पहाड़ियों में लकड़ी इकट्ठा करने गए तीन लोगों की हत्या की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया।
सुरक्षा के मद्देनजर राज्य की राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है, एहतियात के तौर पर अतिरिक्त केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि बंद वाले इलाकों से अब तक किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। हालांकि कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया, जिसमें नेशनल और स्टेट हाईवे भी शामिल हैं।
सोमवार रात को प्रदर्शनकारियों ने इंफाल वेस्ट जिले के क्वाकीथेल और चिंगमीरोंग और इंफाल ईस्ट जिले के खुरई लामलोंग में सड़कों पर टायर जलाए, जिससे इलाके में आवाजाही बाधित हुई।
पुलिस ने बताया कि सोमवार को कांगपोकपी जिले में लकड़ी लेने गए ग्रामीणों के एक समूह पर संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
पुलिस के बयान के अनुसार, संदिग्ध उग्रवादियों ने कांगपोकपी जिले के सागोलमांग पुलिस स्टेशन के तहत खोंगबल तांगखुल में करीब 14 ग्रामीणों के समूह पर गोलीबारी की। मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीणों की गोली लगने से मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। घायल ग्रामीणों को इलाके से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बयान में आगे कहा गया कि मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखने, हिंसा को और बढ़ने से रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
पुलिस ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अपराधियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी जरूरी कानूनी और ऑपरेशनल कदम उठाए जाएंगे।
मणिपुर पुलिस ने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और आगे हिंसा को रोकने के लिए सुरक्षा बलों और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील भी की।
--आईएएनएस
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