मणिपुर पुलिस ने म्यांमार ले जाया जा रहा ईंधन किया जब्त, 4 गिरफ्तार
इंफाल, 2 मई (आईएएनएस)। मणिपुर पुलिस ने भारत-म्यांमार सीमा पर कार्रवाई करते हुए पेट्रोल और डीजल से भरे 25 कंटेनरों को अवैध रूप से ले जा रहे चार वाहनों को जब्त कर लिया और उनके चालकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब्त किया गया ईंधन पड़ोसी देश म्यांमार में तस्करी के लिए भेजे जाने की आशंका है।
अधिकारी के अनुसार, चारों वाहन पेट्रोल और डीजल लेकर तेंगनौपाल जिले के मोरेह की ओर जा रहे थे। मोरेह क्षेत्र म्यांमार से लगती खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित है।
गिरफ्तार चालकों की पहचान एल्विस लामकांग (23), मोहम्मद अबास खान (47), डांगसावा कोशील पिपाचुम (56) और मोहम्मद मुजीबुर रहमान (35) के रूप में हुई है। ये सभी चंदेल, थौबल और काकचिंग जिलों के निवासी हैं।
मणिपुर के पांच जिले चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरूल म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।
यह संवेदनशील सीमा क्षेत्र भारत में हेरोइन, मेथामफेटामिन टैबलेट्स, विदेशी जानवरों और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता है।
एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने उखरूल जिले के मोंगकोट चेपू, शोंगफेल, मुल्लाम, सिराराखोंग और रिंगुए गांवों की पहाड़ियों पर अवैध रूप से बनाए गए 23 बंकरों को ध्वस्त कर दिया।
जारी अभियानों के तहत अब तक विभिन्न जिलों में उग्रवादी संगठनों और सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए 150 से अधिक अवैध बंकर नष्ट किए जा चुके हैं।
फरवरी से उखरूल जिले में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण यह हाल के महीनों में राज्य के सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल रहा है।
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के सुरक्षा बल उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार व्यापक अभियान चला रहे हैं। कई जिलों के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान तथा क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास जारी हैं।
अवैध गतिविधियों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए मणिपुर के घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 114 नाके (चेकपोस्ट) स्थापित किए गए हैं।
इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुओं से भरे ट्रकों समेत अन्य वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट भी दिया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में काफिले की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इस बीच मणिपुर पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी वीडियो से सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस ने कहा, “किसी भी वायरल वीडियो या ऑडियो क्लिप की सत्यता केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जांची जा सकती है। सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट अपलोड या साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
--आईएएनएस
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