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मांड्या लिंग निर्धारण मामला : फरार स्त्री रोग विशेषज्ञ की तलाश में कर्नाटक पुलिस, तीन डॉक्टर गिरफ्तार

मांड्या, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के मांड्या जिले में अवैध लिंग निर्धारण रैकेट का बड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में एक फरार स्त्री रोग विशेषज्ञ की तलाश जारी है जबकि अब तक तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस रैकेट में नाबालिग गर्भवती लड़कियों के मामलों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
मांड्या लिंग निर्धारण मामला : फरार स्त्री रोग विशेषज्ञ की तलाश में कर्नाटक पुलिस, तीन डॉक्टर गिरफ्तार

मांड्या, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के मांड्या जिले में अवैध लिंग निर्धारण रैकेट का बड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में एक फरार स्त्री रोग विशेषज्ञ की तलाश जारी है जबकि अब तक तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस रैकेट में नाबालिग गर्भवती लड़कियों के मामलों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मांड्या जिले के केआर पेट कस्बे में स्थित दो डायग्नोस्टिक सेंटर (नावी डायग्नोस्टिक सेंटर और कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर) में अवैध रूप से लिंग जांच की जाती थी। जांच में सामने आया है कि नावी डायग्नोस्टिक सेंटर में कुल 24 स्कैन किए गए, जिनमें 2024 में 19 और 2025 में 5 मामले शामिल हैं। वहीं, कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर में 7 स्कैन किए जाने की जानकारी मिली है।

पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में केआर पेट के दिव्या मैटरनिटी सेंटर की डॉ. दिव्या चेतना, नावी डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. हर्षित और कुशल डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉ. हरीश शामिल हैं।

हालांकि, इस रैकेट की मुख्य आरोपी मानी जा रही स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

इस पूरे मामले में अब तक केआर पेट और केआर पेट ग्रामीण पुलिस थानों में 17 आरोपियों के खिलाफ 12 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपियों में एक सरकारी डॉक्टर, एक जूनियर हेल्थ असिस्टेंट, एक आशा कार्यकर्ता और कई निजी व्यक्ति भी शामिल हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक लोकायुक्त ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। उप-लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने नाबालिग गर्भवती लड़कियों की अवैध स्कैनिंग की शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किया है।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटरों ने 18 वर्ष से कम उम्र की गर्भवती लड़कियों की जानकारी स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को नहीं दी, जो कि पॉक्सो एक्ट के तहत अनिवार्य है। पुलिस और लोकायुक्त इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कर्नाटक में 2023 के अंत से लेकर अक्टूबर 2025 के बीच महिला भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच के कई बड़े रैकेट पकड़े जा चुके हैं, खासकर मैसूरु और मांड्या क्षेत्रों में।

अक्टूबर 2025 में मैसूरु जिले के हनुगनहल्ली गांव के एक फार्महाउस पर छापेमारी कर एक रैकेट का पर्दाफाश किया गया था, जहां 25,000 से 35,000 रुपए लेकर लिंग जांच और गर्भपात किया जाता था।

इस कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें एक नर्स भी शामिल थी। मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन, दवाइयां और 3 लाख रुपए नकद बरामद हुए थे जबकि चार गर्भवती महिलाओं को बचाया गया था।

इसके अलावा, सितंबर 2025 में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच चल रहे एक अंतरराज्यीय रैकेट का भी भंडाफोड़ किया गया था, जिसे एक गुप्त ऑपरेशन के जरिए पकड़ा गया।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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