केरल जनादेश मतदाताओं के बदलते मिजाज को दर्शाता है: केसी वेणुगोपाल
तिरुवनंतपुरम, 4 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल चुनाव परिणामों को जनभावना में निर्णायक बदलाव बताया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि ये परिणाम केरल भर में परिवर्तन समर्थक लहर के विपक्ष के आकलन को सही साबित करते हैं।
कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 102 सीटों पर आगे चल रहा है, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा 36 सीटों पर, और भाजपा ने नीमोम सहित दो सीटें जीती हैं।
वेणुगोपाल ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान, हम यही कहते रहे कि एक लहर बन रही है। यहां तक कि जब एग्जिट पोल ने इसके विपरीत संकेत दिए, तब भी हमें मजबूत जीत का भरोसा था और हम 100 सीटों का आंकड़ा पार करने की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि यह आकलन जमीनी स्तर पर लगातार मिल रही प्रतिक्रिया पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि हम मतदाताओं की नब्ज भांप सकते थे, और आज का फैसला उसी भावना को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सत्ताधारी सरकार को निशाना बनाते हुए वेणुगोपाल ने तर्क दिया कि दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में मिली हार के बाद सरकार द्वारा किए गए आक्रामक प्रचार अभियान भी मतदाताओं की सोच को बदलने में नाकाम रहे।
उन्होंने कहा कि उस करारी हार के बाद भारी खर्च के साथ एक बड़ा प्रचार अभियान चलाया गया। लेकिन लोग आश्वस्त नहीं हुए। उन्होंने इस नतीजे को सीपीआई-एम नेतृत्व और उसके कार्यकर्ताओं के अहंकार पर एक करारा प्रहार बताया। उन्होंने कन्नूर के पारंपरिक वामपंथी गढ़ों में हुए घटनाक्रमों को व्यापक बदलाव का सबूत बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पय्यानूर को देखिए, यह ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से लगातार सीपीआई-एम के सबसे प्रमुख नेता चुने जाते रहे हैं, और तालिपारम्बा को देखिए, जिसे लंबे समय से पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है। इन क्षेत्रों से उभरते रुझान स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यहां तक कि पार्टी के मुख्य गढ़ों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के चुनाव अभियान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने जीत को 'तकनीकी' बताया और कहा कि विजयन मतगणना के शुरुआती दौर में पिछड़ रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने वापसी की।
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर के नतीजों से जमीनी स्तर पर लोगों का मिजाज झलक रहा था।
वेणुगोपाल ने कहा कि यह फैसला केरल के राजनीतिक परिदृश्य में एक व्यापक बदलाव का संकेत है, जिसमें मतदाता जवाबदेही और उत्तरदायी शासन की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं है, यह एक संदेश है और इस बात पर जोर दिया कि वे आने वाले महीनों में इस गति को बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
--आईएएनएस
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