मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र में ड्रग्स की तस्करी करने वाले व्यक्ति को पांच साल की कैद की सजा
भोपाल, 15 जनवरी (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने गुरुवार को एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर को पांच साल के कठोर कारावास और 50,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
बयान में कहा गया है कि देवास स्थित विशेष अदालत ने पुणे निवासी विवेक कुमार सिंह को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8(सी) और 20 के तहत दोषी पाया और सजा सुनाई।
मामला 31 मार्च, 2024 का है, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के इंदौर जोन के अधिकारियों ने देवास टोल प्लाजा, बाईपास रोड पर भोपाल से पुणे जा रही एक बस को रोका।
जांच के दौरान, जमुना प्रसाद के पुत्र विवेक कुमार को 675 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। एनसीबी ने बताया कि इसको लेकर मामला दर्ज किया गया था।
एक बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान पता चला कि जब्त की गई चरस हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से मंगाई गई थी और इसे पुणे ले जाया जाना था।
इस मामले में 14 मई, 2024 को देवास स्थित विशेष एनडीपीएस न्यायालय में शिकायत दर्ज की गई थी।
गुरुवार को न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8(सी) और 20 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
वहीं, पंजाब पुलिस गुरुवार को उन्होंने ड्रग तस्करी के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई की। इन कार्रवाइयों में करीब 44 किलो हेरोइन जब्त की गई और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल दोनों ही मामलों में पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
पहले ऑपरेशन में अमृतसर के काउंटर इंटेलिजेंस ने 40 किलो हेरोइन के साथ एक नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस दौरान गांव कोट इस्से खान, जिला मोगा के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शुरुआती जांच में पता चला कि ये लोग एक आदतन नशीले पदार्थों के तस्कर के निर्देश पर हेरोइन की बड़ी खेप इकट्ठा कर रहे थे। इस खेप को पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करने की योजना थी।
इस मामले में एसएसओसी पुलिस थाना, अमृतसर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क का कोई सीमा पार कनेक्शन तो नहीं है।
--आईएएनएस
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