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अकाली दल नेता मजीठिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया 'देश के युवाओं की बड़ी जीत'

अकाली दल नेता मजीठिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया 'देश के युवाओं की बड़ी जीत'
अकाली दल नेता मजीठिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया 'देश के युवाओं की बड़ी जीत'

चंडीगढ़, 25 जुलाई (आईएएनएस)। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शनिवार को देश भर के युवाओं को बधाई दी और कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ उनके लंबे संघर्ष को आखिरकार कामयाबी मिली है।

उन्होंने इस आंदोलन में योगदान देने वाले हर युवा, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि आखिरकार नैतिक जिम्मेदारी तय की गई है और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

मजीठिया के लिए यह 'देश के युवाओं की एक बड़ी जीत' है। पंजाब के युवाओं को भी बधाई देते हुए मजीठिया ने कहा कि अब राज्य सरकार को उसके दोहरे रवैये के लिए जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है।

उन्होंने कहा कि जब से आम आदमी पार्टी ( जिसे उन्होंने 'रंगीली पार्टी' कहा) पंजाब में सत्ता में आई है, तब से हर साल पेपर लीक हुए हैं और राज्य के युवाओं के साथ बार-बार धोखा हुआ है।

मजीठिया ने कहा कि 'आप नेता' अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया, जिन्‍होंने दिल्ली में पेपर लीक मामलों पर नैतिक जवाबदेही और इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था, अब पंजाब में बार-बार हो रहे भर्ती घोटालों और परीक्षा विवादों पर पूरी तरह चुप हैं।

उन्होंने सवाल किया कि क्या जवाबदेही सिर्फ केंद्र सरकार पर लागू होती है, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार किसी भी नैतिक मानक से मुक्त है?

मजीठिया ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से कई परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इनमें नायब तहसीलदार और जूनियर इंजीनियर की भर्ती और हाल ही में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में फार्मेसी ऑफि‍सर की भर्ती शामिल है।

उन्होंने दावा किया कि पैसों के लेन-देन, संगठित नकल और पेपर लीक नेटवर्क के आरोप सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि लीक माफ‍िया कैसे काम कर रहा था, फिर भी सिसोदिया लगातार दावा करते रहे कि सब कुछ ठीक है।

अकाली दल के नेता ने कहा कि हर साल पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, जिससे हजारों युवा उम्मीदवारों की कड़ी मेहनत और भविष्य खतरे में पड़ गया है, लेकिन किसी ने भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली और न ही इस्तीफा दिया।

उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी स्वीकार करने का समय आ गया है और देश भर के युवाओं की तरह पंजाब के युवा भी जाग चुके हैं। वे हर लीक हुई परीक्षा को लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगेंगे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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