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महाराष्ट्र अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है: सीएम फडणवीस

मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक बड़ी छलांग लगा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाते हुए, महाराष्ट्र देश भर में सभी क्षेत्रों में अपनी धाक जमा रहा है।
महाराष्ट्र अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है: सीएम फडणवीस

मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक बड़ी छलांग लगा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाते हुए, महाराष्ट्र देश भर में सभी क्षेत्रों में अपनी धाक जमा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अनुसंधान, नवाचार, अवसंरचना और राजस्व सृजन के मामले में देश का कोई भी राज्य महाराष्ट्र के आसपास भी नहीं आता है, जिससे यह नए उद्योगों, प्रौद्योगिकी आधारित व्यवसायों और डेटा केंद्रों की स्थापना के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बन गया है। वे एक अंग्रेजी टीवी चैनल को दिए गए विस्तृत साक्षात्कार में बोल रहे थे।

राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र निसंदेह भारत की स्टार्टअप और यूनिकॉर्न राजधानी है। उन्होंने कहा कि 2015 में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था लगभग 14 लाख करोड़ रुपए थी, आज यह बढ़कर 54 लाख करोड़ रुपए हो गई है। पिछले दस वर्षों में हमने अपनी अर्थव्यवस्था का आकार तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया है।

उन्होंने कहा कि जहां कई अन्य भारतीय राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर का दर्जा हासिल करने की बात करते हैं, वहीं महाराष्ट्र वर्तमान में इस लक्ष्य के सबसे करीब है। राज्य की अर्थव्यवस्था वर्तमान में 660 अरब डॉलर की है, जो 10 प्रतिशत की स्थिर वार्षिक वृद्धि दर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि यह गति जारी रहती है, तो राज्य 2030 तक अपने 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को मजबूती से हासिल कर लेगा, भले ही अल्पकालिक कृषि या प्राकृतिक चुनौतियों—जैसे कि 2025-2026 में देखी गई अल नीनो जैसी मौसम संबंधी घटनाओं—के कारण मामूली उतार-चढ़ाव आए।

आर्थिक पैमाने के लिहाज से, महाराष्ट्र अब सिर्फ अन्य भारतीय राज्यों से ही प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है; यह विश्व की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दावा किया कि अगले दो से तीन वर्षों में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्रों की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ने की राह पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विकास को गति देने के लिए, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), डेटा ट्रैकिंग और केंद्रीकृत डेटा पूल के प्रभावी उपयोग के माध्यम से प्रौद्योगिकी और एआई को शक्ति गुणक के रूप में तैनात किया जा रहा है। यह उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई के बजाय संरचनात्मक योजना द्वारा समर्थित है; प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक समर्पित विकास खाका तैयार करने के लिए एक आर्थिक सलाहकार परिषद की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने 'विकसित महाराष्ट्र 2047' विजन दस्तावेज का मसौदा तैयार किया है, जिसमें 2030 तक के अल्पकालिक लक्ष्य, 2035 तक के मध्यकालिक मील के पत्थर और 2047 तक के दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए, सरकार ने 2,000 विशिष्ट डेटा बिंदुओं का मानचित्रण किया है और उन्हें संबंधित राज्य विभागों को सौंपा है, साथ ही वास्तविक समय की प्रगति की निगरानी के लिए एक विशेष 'विजन मैनेजमेंट यूनिट' की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी विभागों में प्रदर्शन दर 75 प्रतिशत से लेकर 95 प्रतिशत तक है।

--आईएएनएस

एमएस/

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