नासिक की एक कंपनी में यौन उत्पीड़न व छेड़छाड़ मामले में एचआर अधिकारी गिरफ्तार
मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक तकनीकी कंपनी के मानव संसाधन (एचआर) अधिकारी को छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
मानव संसाधन अधिकारी अश्विनी अशोक चैनानी को पुणे के लूला नगर से हिरासत में लिया गया, क्योंकि प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि पीड़ितों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और वह इस मामले में टालमटोल करता रहा लेकिन बाद में जांच होने पर पूरी रिपोर्ट सामने आई।
कंपनी के कार्यालय में महिला कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार और उनकी शिकायतों पर कथित निष्क्रियता के संबंध में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
मुंबई से महज 200 किलोमीटर दूर नासिक स्थित तकनीकी कार्यालय में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न के भयावह मामले के सामने आने से पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन में भी सनसनी फैल गई।
यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन की शिकायतों के बाद पुलिस हरकत में आई और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मानव संसाधन विभाग का कर्मचारी सातवां व्यक्ति है जो पुणे में रहता है।
इस मामले में विभिन्न पुलिस स्टेशनों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई हैं जबकि अब तक सात गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार लगभग 3-4 वर्षों तक उनका यौन उत्पीड़न किया गया और पुलिस को रिपोर्ट करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्हें बार-बार धमकाने और धार्मिक अपमान का भी सामना करना पड़ा।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने शिकायतों की जांच करने और 'उत्पीड़न और धर्मांतरण' की शिकायतों की गहन जांच शुरू करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
शिकायतकर्ताओं में से अधिकांश 18-25 वर्ष की आयु वर्ग के बताए जा रहे हैं और कथित तौर पर गरीब परिवारों से आते हैं। आरोपियों ने उनकी गरीबी का भरपूर फायदा उठाया व उन्हें लगातार परेशान किया और अश्लील हरकतें कीं। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनसे पूछताछ नहीं होगी या वे पकड़े नहीं जाएंगे।
कुछ पीड़ितों ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के तहत कंपनी के मानव संसाधन विभाग में औपचारिक शिकायतें दर्ज कराईं लेकिन उनका दावा है कि कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस ने मानव संसाधन अधिकारी को कार्यस्थल पर चल रहे उत्पीड़न को दबाने और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम

