किसानों के लिए पैसे नहीं, दल-बदल के लिए बहुत पैसा, शिवसेना (यूबीटी) ने महायुति पर कसा तंज
मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर तीखा हमला किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर महाराष्ट्र को 25 साल पीछे धकेलने और राज्य की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया।
शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि शिंदे की अहंकारी पैसे वाली राजनीति का तरीका आखिरकार फडणवीस के लिए नुकसानदेह साबित होगा। उनका दावा है कि दिल्ली में भाजपा नेतृत्व का एक गुट खुलेआम शिंदे को मुख्यमंत्री के अधिकार को चुनौती देने के लिए बढ़ावा दे रहा है।
ठाकरे गुट ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में महायुति सरकार पर धोखे का जश्न मनाने का आरोप लगाया। उन्होंने 'ऑपरेशन टाइगर' का जिक्र किया, जिसमें सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए।
संपादकीय में कहा गया, "महाराष्ट्र को परेशान करने वाले गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पाला बदलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि 'धोखे' का ऑपरेशन सफल रहा और मरीज ठीक है।"
संपादकीय में कहा गया है कि ऐसे समय में जब महाराष्ट्र कई बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है। फडणवीस का गद्दारों की तारीफ करके संतुष्टि पाना गलत है।
संपादकीय ने मजाक में इसे शिंदे द्वारा छह स्वस्थ गद्दारों को जन्म देने की उपमा दी। एक ऐसा ऑपरेशन जिस पर कम से कम 500 करोड़ रुपए खर्च होने का दावा किया गया है।
सवाल किया गया, "अब जब शिंदे ने छह गद्दारों को जन्म दिया है और अमित शाह दिल्ली में मिठाइयां बांट रहे हैं तो मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि इन पाला बदलने वालों के असली माता-पिता कौन हैं।
संपादकीय में अफसोस जताया गया कि जहां कभी छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम सुनते ही गद्दारों के दिलों में डर पैदा हो जाता था, वहीं मौजूदा नेतृत्व सक्रिय रूप से राजनीतिक दल-बदल का जश्न मना रहा है और धोखे को महाराष्ट्र की नई पहचान बना रहा है।
ठाकरे गुट ने पूरे राज्य में प्रशासनिक लापरवाही की कड़ी आलोचना की।
इसमें कहा गया, "बारिश में देरी के कारण ग्रामीण महाराष्ट्र पर पानी की भारी किल्लत का संकट मंडरा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर पलायन और मवेशियों के लिए चारे की कमी का खतरा पैदा हो गया है। मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात बांधों में पानी का स्तर गिरकर खतरनाक रूप से 8.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे तुरंत पानी की कटौती करनी पड़ रही है।
आरोप लगाया कि महाराष्ट्र नीट-यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले का केंद्र है। उनका दावा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के भारतीय जनता पार्टी परिवार से करीबी संबंध हैं, जिससे राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ठाकरे गुट ने मांग की है कि जब तक फडणवीस विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब नहीं देते, तब तक विधानसभा सत्र को स्थगित कर दिया जाए। संपादकीय के अनुसार, पूरे महाराष्ट्र में खेती-किसानी के बिगड़ते हालात को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना हुई है।
हालांकि फडणवीस ने हाल ही में कहा था कि कर्ज माफी कोई स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन संपादकीय में यह सवाल उठाया गया कि सरकार किसानों को कैसे सशक्त बनाने की योजना बना रही है, जबकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसल बीमा का उचित लाभ नहीं मिल रहा है।
संपादकीय में कहा गया है कि किसानों की आत्महत्याएं नहीं रुकी हैं। इसमें आगे कहा गया कि जहां सत्ताधारी गठबंधन का दावा है कि उसके पास परेशान किसानों के लिए पैसे नहीं हैं, वहीं राजनेताओं को खरीदने के लिए उनके पास फंड की कोई कमी नहीं है।
इसमें आरोप लगाया गया, "आज विधायक और सांसद असली 'सामान' बन गए हैं जिनकी भारी गारंटीड कीमत मिलती है, जबकि आम किसान पूरी तरह से किस्मत के भरोसे छोड़ दिया गया है।"
उद्धव सेना ने सरकार की कामकाज से जुड़ी नाकामियों पर भी रोशनी डाली, जिसमें बढ़ती बेरोजगारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और विदर्भ व मराठवाड़ा क्षेत्रों में सूखे के गंभीर हालात का जिक्र किया गया।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की प्रमुख 'लाडकी बहिन' योजना धोखा साबित हुई है, दावा किया गया कि चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद ही 81 लाख महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई।
लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए संपादकीय में विधानसभा में विपक्ष के प्रभावी प्रतिनिधित्व की कमी की आलोचना की गई। इसमें बताया गया कि महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदन फिलहाल बिना विपक्ष के नेता के ही काम कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि सत्ताधारी गठबंधन ने जानबूझकर नियुक्तियों में देरी की है ताकि सदन में जांच-पड़ताल और असहज सवालों से बचा जा सके।
--आईएएनएस
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