महाराष्ट्र: 304 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया गया, सरकार ने नुकसान के आकलन के दिए आदेश
मुंबई, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। गंभीर कृषि संकट का सामना कर रहे किसान समुदाय को राहत देने के लिए एक बड़े कदम के तहत महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को राज्य भर के 304 तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित किया।
खरीफ के मौसम में बारिश की भारी कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिसके बाद राज्य प्रशासन ने तुरंत राहत के उपाय करने और आर्थिक मदद देने का कदम उठाया है।
राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने घोषणा की कि जिला कलेक्टरों को प्रभावित इलाकों में व्यापक और तुरंत 'पंचनामा' (फसल के नुकसान का आकलन) शुरू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
इससे पहले, 26 सितंबर को राज्य सरकार ने 'ट्रिगर-1' नियमों के तहत 265 तालुकाओं को सूखा-ग्रस्त घोषित किया था।
हालांकि, लगातार कम बारिश और जमीनी स्तर पर खेती से जुड़े हालात की अच्छी तरह समीक्षा करने के बाद, 'ट्रिगर-1' और 'ट्रिगर-2' के मानदंडों के तहत आने वाले 39 और तालुकाओं को इसमें शामिल किया गया है। इससे राज्य में सूखे से प्रभावित प्रशासनिक ब्लॉकों की कुल संख्या 304 हो गई है।
घोषित इलाकों में रहने वाले किसानों, खेतिहर मज़दूरों और ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए, राज्य सरकार ने 12 बड़ी रियायतें और कल्याणकारी उपाय शुरू किए हैं।
राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों (तालुका) के किसानों का जमीन का लगान पूरी तरह माफ करने, खेती के लिए लिए गए लोन को चुकाने की समय-सीमा बढ़ाने, वित्तीय संस्थानों द्वारा लोन की जबरदस्ती वसूली पर कुछ समय के लिए रोक लगाने, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिलों में बड़ी राहत देने, मुश्किल हालात वाले परिवारों के स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ करने, सूखे से प्रभावित इलाकों में खेती के पंपों की बिजली न काटने के निर्देश देने, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देकर तेजी से शारीरिक काम के मौके पैदा करने और पीने के पानी की भारी कमी वाले गांवों और दूर-दराज की बस्तियों में पानी के टैंकर भेजने का ऐलान किया है।
राज्य सरकार ने किसानों और खेत मजदूरों को जरूरी अनाज का काफी वितरण करने और मवेशियों को बचाने के लिए उनके चारे के इंतजाम के लिए विशेष प्रावधान करने की गारंटी दी है। राज्य प्रशासन ने इस बात पर दोर दिया कि जिला अधिकारियों को ये राहत कार्य युद्ध स्तर पर करने चाहिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि इस संकट के बीच कोई भी प्रभावित किसान या ग्रामीण बेसहारा न रह जाए। इस बीच, महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार को सूखे से राहत के लिए एक पैकेज का ऐलान किया, जिसमें दिवाली से पहले किसानों को 5,000 रुपए की अग्रिम मदद देने की बात कही गई है।
महाराष्ट्र में खेती से जुड़ी गंभीर मुश्किलों को कम करने के लिए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कैबिनेट की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और कई अहम राहत उपायों का ऐलान किया, जिसमें दिवाली से पहले प्रभावित किसानों को 5,000 रुपए की अग्रिम आर्थिक मदद देना भी शामिल है। इस अहम बैठक में कई इलाकों में बढ़ते सूखे के हालात का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य मंत्रिपरिषद के मुख्य सदस्य शामिल हुए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पत्रकारों को बताया कि हर प्रभावित किसान को दिवाली से पहले सीधे उनके बैंक खातों में अग्रिम मदद के तौर पर 5,000 रुपए मिलेंगे।
राज्य सरकार ने लोन माफी योजना के लिए 3.5 लाख किसानों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है और इसकी प्रक्रिया चल रही है। मराठवाड़ा में भूजल का स्तर 3 मीटर से ज्यादा गिर गया है।
कुप्रबंधन को रोकने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग से लैस पर्याप्त पानी के टैंकर तैनात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "16,000 से ज्यादा अवैध पानी के कनेक्शन पहले ही काटे जा चुके हैं। शिक्षा शुल्क पूरी तरह माफ़ कर दिया गया है; बैंकों और माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जबरदस्ती लोन की वसूली या बिजली बिल न वसूलें।"
--आईएएनएस
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