महाराष्ट्र कांग्रेस ने वोटर लिस्ट दावे-आपत्तियों की समयसीमा 2 महीने बढ़ाने की मांग की, सीईओ को लिखा पत्र
मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस. चोक्कलिंगम से मसौदा मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि दो महीने बढ़ाने का अनुरोध किया।
मौजूदा 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) ड्राइव के तहत तय 12 अक्टूबर की समयसीमा को बहुत कम बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने चेतावनी दी कि गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी दिक्कतों के कारण लाखों नागरिकों के वोट देने का अधिकार छिनने का खतरा है।
सीईओ चोकालिंगम को लिखे आधिकारिक पत्र में सपकाल ने बताया कि एमपीसीसी का एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही 22 सितंबर को चुनाव अधिकारियों से मिलकर जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों के बारे में बता चुका था।
हालांकि चुनाव आयोग (ईसी) ने सिर्फ 12 दिन का अतिरिक्त समय दिया, जिसे सपकाल ने अपर्याप्त बताया, क्योंकि अभी भी बहुत सारे बदलाव किए जाने बाकी हैं।
सपकाल ने राज्य के चुनावी डाटाबेस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 'अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत/डुप्लिकेट मतदाता' (एएसडीडीओ) सूची में शामिल 1.54 करोड़ मतदाताओं और नए रजिस्ट्रेशन के लिए योग्य 40 लाख युवाओं में से सिर्फ 3,90,000 नागरिक ही वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 जमा कर पाए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नए फॉर्मेट वाले 'फॉर्म 6' में गलतियों के बारे में चुनाव आयोग को बताने के बावजूद सुधारे हुए फॉर्म नहीं छापे गए हैं, जिससे नागरिक गलती-मुक्त आवेदन की कॉपी नहीं ले पा रहे हैं।
एमपीसीसी प्रमुख ने महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन अभियान में आ रही कई बड़ी रुकावटों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "बार-बार सर्वर डाउन होने और आधार व मोबाइल नंबर लिंक न होने की वजह से ऑनलाइन सबमिशन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वोटर के नामों के मराठी और अंग्रेजी ट्रांसलिट्रेशन में अंतर भी और मुश्किलें पैदा कर रहा है।"
उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), जिनमें से ज्यादातर स्कूल टीचर हैं, अभी नवरात्रि के दौरान त्योहार से जुड़े कामों के साथ-साथ स्कूल की मिड-टर्म परीक्षाएं कराने में भी व्यस्त हैं। घर-घर जाकर नोटिस देने और वेरिफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट इकट्ठा करने के काम ने स्टाफ पर क्षमता से ज्यादा बोझ डाल दिया है, जिससे नए आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए उनकी उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
सपकाल ने ईसी के डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में गंभीर कमियों की ओर इशारा करते हुए बताया कि हाल ही में नागपुर जिला कलेक्टर को सीधे एक लोकसभा क्षेत्र में 25,000 से ज्यादा डुप्लीकेट वोटर एंट्री वाली लिस्ट सौंपी गई थी।
राज्य कांग्रेस प्रमुख ने पारदर्शी, समावेशी और बिना गलती वाली वोटर लिस्ट सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वे नागरिकों और फील्ड स्टाफ को पर्याप्त समय देने के लिए दावों और आपत्तियों की समय-सीमा को 12 अक्टूबर से दो महीने और बढ़ाएं।
दिल्ली में अपनाए गए पारदर्शी रिपोर्टिंग मॉडल का पालन करते हुए हर दिन हर निर्वाचन क्षेत्र के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 के तहत मिले आवेदनों की सही संख्या का डाटा जारी करें और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अभी भी मौजूद फर्जी और डुप्लीकेट एंट्री को हटाने के लिए सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पूरी तरह से दोबारा जांच करें।
सपकल ने कहा, "यह पक्का करने के लिए कि वोटर रजिस्ट्रेशन ठीक से हो और कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए, दो महीने का समय बढ़ाना जरूरी है।" उन्होंने सीईओ से निष्पक्ष चुनाव के हित में तेजी से कदम उठाने का आग्रह किया।
--आईएएनएस
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