विस्फोटक कारखानों से संबंधित नियमों में संशोधन के लिए केंद्र से आग्रह करेगी महाराष्ट्र सरकार: सीएम फडणवीस
मुंबई, 4 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में कहा कि महाराष्ट्र सरकार विस्फोटक कारखानों से जुड़े 2008 के नियमों में बदलाव के लिए जल्द ही केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी।
उन्होंने नियम 93 के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विस्फोटकों को संभालने की प्रक्रिया में ऑटोमेशन (स्वचालित प्रणाली) लागू करना बहुत जरूरी है। इससे मानव दखल कम होगा और कामगारों की सुरक्षा बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में नागपुर जिले के काटोल तालुका के राउलगांव में एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के एक निजी विस्फोटक कारखाने में बड़ा धमाका हुआ था। इस हादसे में 19 मजदूरों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हो गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिवारों को कंपनी की ओर से 75 लाख रुपए, राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपए और केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। घायलों को 25 लाख रुपए दिए जाएंगे और उनके इलाज का पूरा खर्च भी उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे ज्वलनशील पदार्थों को संभालते समय बेहद सावधानी जरूरी है। भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए काम को रोबोट या पूरी तरह स्वचालित प्रणाली से करने की जरूरत है, ताकि मानव हस्तक्षेप कम हो सके।
राज्य सरकार केंद्र को जो प्रस्ताव भेजेगी, उसमें नियमों में बदलाव, ऑटोमेशन के जरिए सुरक्षा बढ़ाने और मानव दखल कम करने के उपाय शामिल होंगे।
इसी बीच, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने एक अन्य मुद्दे पर बताया कि पुणे में बिना लाइसेंस और डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवाओं का अवैध व्यापार करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यह मुद्दा चित्रा वाघ ने उठाया था और अभिजीत वंजारी ने पूरक सवाल किया था।
मंत्री ने कहा कि इस मामले में पांच लोगों पर आरोप तय किए गए हैं। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। पांचों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।
जांच में पता चला कि जब्त की गई दवाइयां असली थीं, लेकिन उन्हें स्थानीय मेडिकल स्टोर से नहीं खरीदा गया था। शुरुआती जांच से पता चलता है कि ये दवाइयां राज्य के बाहर से लाई गई थीं। पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि पुणे शहर में नकली नशीली दवाइयां बनाने वाली कोई कंपनी नहीं मिली है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन पुणे और पूरे महाराष्ट्र में नियमित जांच कर रहा है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है।
--आईएएनएस
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