रक्षाबंधन पर महाराष्ट्र के राज्यपाल को बीएपीएस प्रमुख महंत स्वामी महाराज की ओर से बांधी गई पवित्र राखी
मुंबई, 28 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षाबंधन के अवसर पर मुंबई स्थित बीएपीएस (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) के स्वामीनारायण मंदिर के तीर्थस्वरूप स्वामी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को परम पूज्य महंत स्वामी महाराज की ओर से पवित्र राखी बांधी।
इस दौरान तीर्थस्वरूप स्वामी ने राज्यपाल को महंत स्वामी महाराज का आशीर्वाद भी प्रदान किया।
मुलाकात के दौरान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने बीएपीएस संस्था द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक और मानव सेवा से जुड़े कार्यों की सराहना की। उन्होंने समाज के कल्याण के लिए संस्था के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने महंत स्वामी महाराज को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और सम्मान भी प्रेषित किया। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमेरिका दौरे के दौरान न्यू जर्सी स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया था।
बीएपीएस संतों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया था। मुख्यमंत्री ने मंदिर में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सामाजिक सेवा के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की थी।
उन्होंने विदेशों में रह रहे गुजराती समुदाय के लोगों की भी प्रशंसा की, जो भारतीय संस्कृति और मूल्यों को संरक्षित करने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक सप्ताह के अमेरिका और कनाडा दौरे पर गए थे। यह यात्रा राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।
दौरे के दौरान उन्होंने 'गर्वी गुजरात ग्लोबल न्यू जर्सी' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और प्रवासी गुजराती समुदाय से गुजरात के विकास में साझेदार बनने का आह्वान किया।
उन्होंने यंग सीईओ मीट में युवा उद्यमियों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, उद्योगपतियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की।
प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा, "भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 6 प्रतिशत और आबादी का करीब 5 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला गुजरात देश की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत योगदान देता है। राज्य का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाना है।"
रक्षाबंधन के अवसर पर राज्यपाल और बीएपीएस के बीच हुई यह मुलाकात आध्यात्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सेवा के संदेश को मजबूत करने वाली रही।
--आईएएनएस
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