महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखा घोषित, डिप्टी सीएम शिंदे ने किसानों को राहत का दिया भरोसा
मुंबई, 26 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 265 तालुकों में पानी की कमी और फसल की स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद सूखा घोषित कर दिया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रशासन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और पर्यावरणीय कठिनाइयों के बावजूद उनकी त्योहारी खुशियों का मौसम सुनिश्चित करेगा।
राज्य मंत्रियों द्वारा प्रभावित जिलों में जमीनी स्तर पर निरीक्षण और कृषि एवं राजस्व विभागों के साथ समीक्षा के बाद, ट्रिगर-1 ढांचे के तहत सूखा घोषित करने वाला एक आधिकारिक सरकारी संकल्प (जीआर) जारी किया गया।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने जोर दिया कि यह घोषणा मात्र दिखावटी उपाय नहीं है, बल्कि एक ठोस क्रियान्वयन योजना पर आधारित है।
ग्रामीण परिवारों की आर्थिक तंगी को कम करने के लिए राज्य सरकार ने तत्काल राहत तंत्र शुरू कर दिए हैं। शिंदे ने कहा कि राज्य ने भूमि राजस्व कर माफ कर दिए हैं, ऋण वसूली प्रक्रियाओं पर तत्काल रोक लगा दी है, और मौजूदा फसल ऋणों के लिए पुनर्गठन के आदेश जारी किए हैं।
सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बिलों का भुगतान न होने के कारण कृषि बिजली पंपों का कनेक्शन काटने से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं, साथ ही ऊर्जा दरों में रियायतें भी दी गई हैं। प्रभावित किसान परिवारों के छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा न पड़े, इसके लिए स्कूल और कॉलेज की परीक्षा फीस माफ कर दी गई है।
शिंदे के अनुसार, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत नियमों में ढील दी गई है। पेयजल टैंकरों की तैनाती, पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति, खाद्यान्न सुरक्षा उपाय और जल संरक्षण परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
जिला कलेक्टरों को जीपीएस निर्देशांक और उच्च-रिजॉल्यूशन जियोटैग्ड फोटोग्राफी का उपयोग करके फसल क्षति का तत्काल और पारदर्शी आकलन (पंचनामा) करने का निर्देश दिया गया है। इन फील्ड मूल्यांकनों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, फसल को हुए प्रत्यक्ष नुकसान से संबंधित वित्तीय मुआवजे एक अलग सरकारी आदेश के तहत वितरित किए जाएंगे।
जारी सहायता पर प्रकाश डालते हुए शिंदे ने बताया कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण माफी योजना के तहत 12.58 लाख से अधिक सत्यापित किसानों को 10,115 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
किसानों से आशा न छोड़ने और कठोर कदम न उठाने का आग्रह करते हुए उन्होंने दोहराया कि महायुति सरकार संकट के हर चरण में कृषि क्षेत्र को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
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