छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस का भाजपा कार्यालय तक मार्च, हिरासत में कई नेता
मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तथा अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ हुए व्यवहार के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने गांधी भवन से दक्षिण मुंबई स्थित भाजपा कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला।
पार्टी का उद्देश्य भाजपा कार्यालय पहुंचकर संविधान की एक प्रति सौंपना था, लेकिन पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों को रोककर हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने तरह-तरह नारे लगाए।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक भाई जगताप, पूर्व सांसद भालचंद्र मुंगेकर, पूर्व सांसद हुसैन दलवाई और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी सहित कई नेता शामिल हुए।
सपकाल ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर सरकार की अक्षमता ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि आक्रोशित छात्र सड़कों पर उतरे तो सरकार के निर्देश पर उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार किया जा रहा है। सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा करके युवाओं को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी के अलावा अब परीक्षाएं भी सही ढंग से आयोजित नहीं हो रही हैं।
सपकाल ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में परीक्षा सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक केवल इस वर्ष की नीट परीक्षा तक सीमित नहीं है और कई परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
प्रभावित छात्रों की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया। सपकाल ने कहा कि हजारों छात्र दिल्ली में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए थे, लेकिन पुलिस ने उन पर, जिनमें छात्र और छात्राएं दोनों शामिल थे, कड़ा बल प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन करने पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें और अन्य कांग्रेस सांसदों तथा पदाधिकारियों को तीन घंटे तक हिरासत में रखा। सपकाल ने इन कार्रवाइयों को तानाशाही करार दिया।
सपकाल ने आगे मांग की कि दिल्ली में पुलिस कार्रवाई और छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में तत्काल चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तथा मुकदमों को वापस लेना शामिल है।
सपकाल ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी और आगे की रणनीति महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं के साथ चर्चा के बाद तय की जाएगी।
गुरुवार को वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा बुलाए गए महाराष्ट्र बंद को लेकर सपकाल ने कहा कि कांग्रेस इस बंद का समर्थन करती है।
आज प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर सपकाल ने कहा कि इस विषय पर केवल शरद पवार और उनकी पार्टी के नेता ही टिप्पणी कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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