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महाराष्ट्र कैबिनेट ने एआई नीति और हरित ऊर्जा उपयोग क्षमता सुदृढ़ीकरण परियोजना को मंजूरी दी

मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को महाराष्ट्र कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी। इस पॉलिसी का लक्ष्य 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आकर्षित करना और 1.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल और ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
महाराष्ट्र कैबिनेट ने एआई नीति और हरित ऊर्जा उपयोग क्षमता सुदृढ़ीकरण परियोजना को मंजूरी दी

मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को महाराष्ट्र कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी। इस पॉलिसी का लक्ष्य 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आकर्षित करना और 1.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल और ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।

एआई पॉलिसी 2026 में पूरे राज्य में अवसरों को संतुलित करने के लिए 6 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और राज्य के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 5 एआई इनोवेशन शहरों की स्थापना का प्रस्ताव है।

राज्य कैबिनेट ने एआई पॉलिसी को मंजूरी सीएम फडणवीस द्वारा 'महाचतुर एआई चैटबोट' लॉन्च करने के दो दिन बाद दी। इस चैटबॉट का मकसद शिक्षा से रोजगार तक के सफर को आसान बनाना है, और यह कौशल विकास, रोजगार के अवसर और उद्यमिता से जुड़ी सलाह के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने भारत के 'जनसांख्यिकीय लाभ' पर जोर देते हुए कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है। उन्होंने कहा, "उद्योगों को कुशल कर्मचारियों की जरूरत है, और हमारे युवाओं को रोजगार चाहिए। 'महाचतुर चैटबोट' इन दोनों के बीच एक अहम कड़ी का काम करेगा।"

सीएम ने कहा, "वाट्सअप पर उपलब्ध यह एआई-आधारित असिस्टेंट, कौशल प्रशिक्षण की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया, रोजगार के अवसरों की सूचना, उद्यमिता से जुड़ी सलाह, बाजार से जुड़ाव, मूल्यांकन और शिकायतों के समाधान के लिए एक ही जगह पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।"

इसके अलावा, कैबिनेट ने 'मैजेस्टिक' प्रोजेक्ट (महाराष्ट्र: कनेक्टेड ग्रिड में हरित ऊर्जा और भंडारण प्रौद्योगिकियों के एकीकरण में तेजी लाना) के जरिए हरित ऊर्जा के इस्तेमाल और ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करने को भी मंजूरी दी। इस प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक से कर्ज लिया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआती रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने को भी मंजूरी दे दी है।

'सामाजिक समानता और सद्भाव वर्ष' के उपलक्ष्य में, राज्य सरकार भारतीय संविधान के निर्माता को विश्व स्तर पर सम्मानित कर रही है। कैबिनेट ने प्रतिष्ठित 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस' (एलएसई) में 'डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पीठ' की स्थापना को मंजूरी दी। यह स्थायी पीठ 'भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर' के नाम पर डॉक्टरेट की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां प्रदान करेगी।

इसके अलावा, पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कैबिनेट ने पूरे राज्य में 300 करोड़ पेड़ लगाने के महत्वाकांक्षी अभियान को लागू करने के लिए एक विशेष आयोग के गठन को मंजूरी दी। यह आयोग हरित इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स की योजना बनाने, उन्हें लागू करने और उनकी निगरानी करने का काम करेगा।

कैबिनेट ने उन दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि में भी काफी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जो माध्यमिक शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 12 साल में पहली बार छात्रवृत्ति की राशि में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। अब इस छात्रवृत्ति के तहत विश्वविद्यालयों, परीक्षा बोर्डों, प्रवेश, ट्यूशन, पंजीकरण, पुस्तकालयों, पत्रिकाओं और चिकित्सा जांच से जुड़ी फीस भी शामिल होगी। इसके अलावा, कैबिनेट ने कोंकण क्षेत्र के इच्छुक छात्रों के लिए शैक्षिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, रत्नागिरी जिले के नचाने गाँव में केंद्रीय विद्यालय संगठन (केंद्र सरकार) को एक नया स्कूल बनाने के लिए 2.5 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने की मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट ने आदिवासी स्कूलों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए संशोधित 'सुनिश्चित करियर प्रगति योजना' (एसीपी) को भी मंजूरी दे दी है। सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों (जो आदिवासी विकास विभाग के तहत एनजीओ द्वारा चलाए जाते हैं) में कार्यरत गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अब 12 और 24 साल की नियमित सेवा पूरी करने के बाद संशोधित एसीपी योजना का लाभ मिलेगा।

--आईएएनएस

एससीएच

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