बिहार: मोतिहारी में ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखी चादरें बिकती मिलीं, पुलिस ने दो विक्रेताओं से की पूछताछ
पटना, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने पूछताछ के लिए दो फेरीवालों को हिरासत में लिया। इन फेरीवालों पर आरोप है कि शहर में शनिवार को ऐसी चादरें बेची जा रही थीं, जिन पर 'मेड इन पाकिस्तान' का लेबल लगा था।
जांचकर्ता इन उत्पादों के स्रोत का पता लगा रहे हैं और यह जांच रहे हैं कि ये स्थानीय बाजार में कैसे पहुंचे।
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात के अनुसार, कुछ दिन पहले रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की एक शिकायत मिली थी।
स्वर्ण प्रभात ने बताया, "शनिवार को पुलिस को चांदमारी इलाके में ऐसी चादरें बेचे जाने की एक और शिकायत मिली, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की गई।"
जांच के दौरान बंजरिया थाना क्षेत्र के पंडाल चौक पर स्थित 'ओम साई टेक्सटाइल्स' का नाम सामने आया, जो संभवतः इन चादरों की आपूर्ति का स्रोत हो सकता है।
दोनों विक्रेताओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ये चादरें इसी जगह से खरीदी थीं और अलग-अलग इलाकों में घूमकर इन्हें बेचा।
उन्होंने दावा किया कि ये इस्तेमाल की जा चुकी (पुरानी) चादरें थीं, जिन्हें भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से मंगाया गया था।
इन चादरों का असली स्रोत क्या है और इन पर लगे 'मेड इन पाकिस्तान' लेबल कितने असली हैं, इसकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये पुरानी चादरें बिहार तक कैसे पहुंचीं और इन्हें मंगाने और बांटने में कौन-कौन शामिल था।
जांच का मुख्य फोकस सप्लायर, कपड़ा व्यापारी की कथित भूमिका और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों पर है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन उत्पादों का ऑर्डर किसने दिया था और ये मूल रूप से कहां से आए थे।
पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों और बयानों की पुष्टि के बाद बेडशीट के स्रोत और इसके किसी संभावित बड़े वितरण नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
इससे पहले 7 अक्टूबर को रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में दो युवक नई बेडशीट मात्र 200 रुपए में बेच रहे थे।
इतनी कम कीमत देखकर कई स्थानीय लोगों ने तुरंत इन्हें खरीदना शुरू कर दिया।
हालांकि, जब एक खरीदार की नजर एक बेडशीट पर लगे टैग पर पड़ी, जिस पर 'मेड इन पाकिस्तान' लिखा था तो इससे काफी हंगामा मच गया।
--आईएएनएस
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