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ओम बिरला से मिले रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष वोलोदिन, संसदीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की

ओम बिरला से मिले रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष वोलोदिन, संसदीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की
ओम बिरला से मिले रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष वोलोदिन, संसदीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को रूसी संसद 'ड्यूमा' के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों की संसदों के बीच निरंतर संस्थागत जुड़ाव, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान, और युवा तथा महिला सांसदों के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा देकर संसदीय सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की।

बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने 'भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

विधायी पीठासीन अधिकारियों के बीच यह बैठक 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 से पहले हुई। बैठक में भाजपा सांसद संबित पात्रा, विदेश मंत्रालय (एमईए) में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बैठक के बारे में जानकारी देते हुए, बिरला ने 'एक्स' पर लिखा, "12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 से पहले, रूसी संघ की फेडरल असेंबली के 'स्टेट ड्यूमा' अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन के साथ एक सौहार्दपूर्ण और सार्थक बैठक हुई। भारत और रूस के बीच दोस्ती, आपसी विश्वास और समझ के गहरे बंधन हमारी दीर्घकालिक साझेदारी का आधार हैं। चूंकि दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 80 साल पूरे कर रहे हैं, इसलिए हमने आपसी सम्मान, विश्वास और साझा आकांक्षाओं पर आधारित 'भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।"

बैठक के दौरान, लोकसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्यवाही को अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक का उपयोग करने की भारत की पहलों के बारे में बात की, जिसमें 'संसद भाषिणी' भी शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत संसदीय जुड़ाव भारत और रूस के बीच की साझेदारी को नई गति देगा।

बिरला ने 'एक्स' पर लिखा, "हमने लोकसभा और स्टेट ड्यूमा के बीच निरंतर संस्थागत जुड़ाव, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान, और युवा तथा महिला सांसदों के बीच बेहतर संवाद के माध्यम से संसदीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मैंने संसदीय कार्यवाही को अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक का उपयोग करने की भारत की पहलों के बारे में भी बताया, जिसमें 'संसद भाषिणी' शामिल है।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने ब्रिक्स संसदों के बीच सहयोग को मजबूत करने, ठोस अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के माध्यम से आतंकवाद का मुकाबला करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों को आगे बढ़ाने पर भी विचार साझा किए। मैंने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के निरंतर समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। मुझे विश्वास है कि मजबूत संसदीय जुड़ाव हमारी पुरानी और भरोसेमंद साझेदारी को नई गति देगा, जिससे भारत और रूस के बीच गहरी दोस्ती और करीबी रिश्ते और मजबूत होंगे।" इससे पहले वोलोदिन ने राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

वोलोदिन 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में भाग लेने के लिए भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस फोरम का आयोजन भारत की संसद द्वारा 26-27 अक्टूबर को 'संविधान सदन' के सेंट्रल हॉल में किया जाएगा। भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस फोरम में ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के संसदीय नेता एक साथ आएंगे, ताकि वे जन-केंद्रित विकास पर चर्चा कर सकें और संसदीय सहयोग को मजबूत बना सकें।

बिरला ने घोषणा की थी कि 12वां ब्रिक्स संसदीय फोरम 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।

गुरुवार को संसद भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह फोरम भारत की संसदीय कूटनीति के इतिहास में एक नया अध्याय है। इसमें ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के पीठासीन अधिकारी (प्रिसाइडिंग ऑफिसर्स) और संसदीय नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इस फोरम के दौरान प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं और संसदीय मैत्री समूहों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत होगी। 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने के लिए 25 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की एक बैठक होगी।

--आईएएनएस

केआर/

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