तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, 23 को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना
चेन्नई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत मौसम विभाग ने तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून के जोर पकड़ने के साथ ही 23 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे समुद्र के मध्य हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई है। यह पूर्वानुमान तटीय जिलों, कावेरी डेल्टा और पश्चिमी घाट के इलाकों में हो रही व्यापक बारिश के बीच आया है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के सात जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। हालांकि दी गई जानकारी में इन जिलों के नामों का जिक्र नहीं किया गया। विभाग के मुताबिक, फिलहाल थाईलैंड की खाड़ी और म्यांमार के ऊपर एक 'अपर-एयर सर्कुलेशन' (ऊपरी वायु परिसंचरण) मौजूद है।
माना जा रहा है कि इस तरह का मौसम बुधवार सुबह तक उत्तरी अंडमान सागर के हालात को प्रभावित करेगा जिससे इस हफ्ते के आखिर में कम दबाव का क्षेत्र बनने की स्थिति तैयार हो जाएगी। यह सिस्टम आगे चलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है।
यह एक कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो सकता है लेकिन इसकी वास्तविक ताकत और आगे के विकास के बारे में जानकारी बाद के अवलोकनों और पूर्वानुमानों से स्पष्ट हो पाएगी। यह सिस्टम एक चक्रवाती तूफान का रूप लेगा या नहीं, इस बारे में जानकारी बाद के बुलेटिनों में दी जाएगी।
वर्तमान स्थिति से इसके और अधिक तीव्र होने की संभावना तो है लेकिन अभी यह पक्का नहीं है कि कोई चक्रवात बनेगा ही।
इस बीच, उत्तर-पूर्वी मानसून के जोर पकड़ने से तमिलनाडु के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। तटीय इलाकों और डेल्टा वाले जिलों में बारिश हो रही है जबकि पश्चिमी घाटों से सटे जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है।
17 अक्टूबर को चेन्नई में लगातार बारिश हुई जो राज्य में मौसम की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। लगातार जारी मानसूनी गतिविधियों के बीच मंगलवार को सात जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नए तंत्र के बनने की संभावना, मौसम के बदलते पैटर्न में एक और नया घटनाक्रम है।
हालांकि, इसका सटीक रास्ता, तीव्रता और तमिलनाडु में बारिश पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के बारे में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। आने वाले बुलेटिनों से इस घटनाक्रम के बारे में और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है, जिसमें उत्तरी अंडमान सागर के पास से मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर इस सिस्टम का बढ़ना और 23 अक्टूबर के बाद इसके और मजबूत होने की संभावना शामिल है।
फिलहाल, विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय है और एक ऐसा तंत्र बन रहा है, जिस पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है। इसके प्रभाव का सटीक आकलन इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले दिनों में यह मौसमी सिस्टम कैसे विकसित होता है। आगे आने वाले अपडेट से बारिश की संभावनाओं के बारे में और अधिक स्पष्ट तस्वीर मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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