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टीएमसी के बैंक खाते को फ्रीज करने की मांग को विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन

कोलकाता, 18 जून (आईएएनएस)। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास का समर्थन किया है। बिस्वास ने एक प्राइवेट बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक अकाउंट फ्रीज करने की मांग की थी।
टीएमसी के बैंक खाते को फ्रीज करने की मांग को विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन

कोलकाता, 18 जून (आईएएनएस)। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास का समर्थन किया है। बिस्वास ने एक प्राइवेट बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक अकाउंट फ्रीज करने की मांग की थी।

ऋतब्रत बनर्जी ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, "अरूप बिस्वास के पत्र में दम है। क्या गारंटी है कि इस अकाउंट में चोरी का या गबन किया हुआ पैसा नहीं है? मैं तृणमूल का अकाउंट फ्रीज करने की मांग का समर्थन करता हूं।"

एक राजनीतिक विश्लेषक के मुताबिक, इसमें कोई शक नहीं है कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी अपने गुट को 'असली' तृणमूल कांग्रेस के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर तब जब पार्टी नेतृत्व के खिलाफ लगभग 58 विधायकों ने बगावत कर दी है।

विपक्ष के नेता की यह प्रतिक्रिया तब आई जब पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने एक प्राइवेट बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक अकाउंट के कामकाज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री बिस्वास ने इस पत्र में बैंक अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे पैसे निकालने पर रोक लगाएं और अकाउंट में यथास्थिति बनाए रखें, जब तक कि पार्टी के नेतृत्व और नियंत्रण को लेकर चल रहा विवाद सुलझ नहीं जाता।

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधानसभा चुनाव में हार के बाद 5 जून को टीएमसी ने संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की थी और बिस्वास की जगह पूर्व सांसद सुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष बनाया था। हालांकि, बैंक को भेजे अपने पत्र में बिस्वास ने दावा किया कि वे अभी भी पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं।

तृणमूल कांग्रेस का एक प्राइवेट बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा में अकाउंट है। पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, इस अकाउंट में 675 करोड़ रुपए जमा हैं। बिस्वास के पत्र पर 12 जून की तारीख थी, लेकिन बैंक को यह 16 जून को मिला।

पत्र में बिस्वास ने पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों के दावों से पैदा हुई अनिश्चितता की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि विरोधी गुट खुद को तृणमूल कांग्रेस का असली प्रतिनिधि बता रहे हैं, जिससे यह भ्रम पैदा हो रहा है कि पार्टी का बैंक अकाउंट चलाने के लिए कौन अधिकृत है। उन्होंने बैंक से कहा कि वे अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा पैसे निकालने या अन्य लेन-देन को रोकें और साथ ही, पहले से साइन किए गए चेक के गलत इस्तेमाल से बचाव के उपाय भी करने को कहा।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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