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राजनीतिक दल-बदल पर राज ठाकरे का सवाल, नागरिक कब तक सहेंगे?

मुंबई, 20 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक उठापटक के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को सत्ताधारी सरकार और पाला बदलने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब आत्म-सम्मान से समझौता हो जाता है, तो इंसान सिर्फ एक जिंदा लाश बनकर रह जाता है।
राजनीतिक दल-बदल पर राज ठाकरे का सवाल, नागरिक कब तक सहेंगे?

मुंबई, 20 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मौजूदा राजनीतिक उठापटक के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को सत्ताधारी सरकार और पाला बदलने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब आत्म-सम्मान से समझौता हो जाता है, तो इंसान सिर्फ एक जिंदा लाश बनकर रह जाता है।

मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक के एमएनएस पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने राज्य की राजनीति में नैतिक गिरावट पर गहरी चिंता जताई और भविष्य की पीढ़ियों के लिए छोड़ी जा रही विरासत पर सवाल उठाए।

राजनीतिक दलों के बार-बार टूटने पर गुस्सा जाहिर करते हुए राज ठाकरे ने आम नागरिकों की मुश्किलों और राजनीतिक नेताओं की प्राथमिकताओं के बीच अंतर बताया।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और देश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं और हमारे नेता क्या कर रहे हैं, वे सांसद, विधायक और कॉरपोरेटर तोड़ रहे हैं। वे सत्ता पाने और बनाए रखने के लिए कितना भी पैसा खर्च करने को तैयार हैं। लोगों को सामान की तरह खरीदा और बेचा जा रहा है।

सीधे मतदाताओं से बात करते हुए ठाकरे ने सवाल किया कि नागरिक कब तक उन चुने हुए प्रतिनिधियों को बर्दाश्त करेंगे जो करोड़ों के सौदों के बाद पाला बदल लेते हैं।

उन्होंने कहा, "नागरिक वोट डालने के लिए चिलचिलाती धूप में दो, तीन या पांच घंटे तक लंबी कतारों में खड़े रहते हैं। फिर भी जिसे वे चुनते हैं, वह 50 से 100 करोड़ रुपए में बिक जाता है।"

उन्होंने पूछा, "क्या आप इन लोगों को फिर से चुनेंगे? अगर यही दल-बदलू कल चुनाव लड़ते हैं तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी? आज आपके वोट की कीमत बिल्कुल शून्य हो गई है।"

ठाकरे ने सत्ताधारी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वे जरूरी सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को हल करने के बजाय राजनीतिक दल-बदल पर ध्यान दे रहे हैं।

देशभर में, खासकर किसानों और छात्रों के बीच आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्थिति पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

राज ठाकरे ने कहा, "देखिए हमारे युवाओं के साथ क्या हो रहा है नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं। हमने शुरू से ही नीट परीक्षा को केंद्र स्तर पर लागू करने का विरोध किया था।"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एक तरफ नेताओं को दल-बदल रोकने के लिए आलीशान रिसॉर्ट्स में भेजा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश में मानव तस्करी खतरनाक रूप से बढ़ रही है, जिसमें बच्चों और महिलाओं का अपहरण और शोषण हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, "जब देश के सामने इतनी बड़ी-बड़ी चुनौतियां हैं, तब भी प्राथमिकता विपक्षी पार्टियों को तोड़ने में सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने की है।"

एमएनएस प्रमुख ने कहा कि चुनाव अब बहुत ज्यादा प्रोफेशनल हो गए हैं। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में राजनीतिक उलटफेर का जिक्र करते हुए बताया कि असरदार चुनावी मैनेजमेंट कितना जरूरी है।

ठाकरे ने चेतावनी दी कि चुनाव मैनेजमेंट के तौर-तरीकों को नजरअंदाज करने से पार्टी का कीमती समय और मौके बर्बाद हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हर कोई एमएलए, सांसद या कॉर्पोरेटर बनना चाहता है, लेकिन वोटर लिस्ट पर हमारी लापरवाही की वजह से हमें एक बार में पांच कीमती साल गंवाने पड़ते हैं। हम ऐसा महाराष्ट्र बनाने का सपना देखते हैं जिस पर दुनिया को गर्व हो, लेकिन इसे सच करने के लिए हमें सबसे पहले राजनीतिक सत्ता का जनादेश हासिल करना होगा।"

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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