ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर वामपंथी दलों और छात्र समूहों का चुनाव आयोग तक मार्च
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। शुक्रवार को कई वामपंथी संगठनों, छात्र नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों ने राष्ट्रीय राजधानी में भारी सुरक्षा के बीच भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
वामपंथी अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसएफ) और अखिल भारतीय युवा संघ (एआईवाईएफ) के सदस्यों सहित प्रतिभागी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास एकत्र हुए और पटेल चौक के पास स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च किया।
सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात, सीपीआई नेता पी. संदोष कुमार और राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि विरोध प्रदर्शन बिना रुके जारी रहेंगे। अगर आप एक जंतर-मंतर बंद कर देंगे, तो सैकड़ों जंतर-मंतर बन जाएंगे। आप एक व्यक्ति को चुप करा सकते हैं, लेकिन जनता को नहीं। यह आंदोलन अपने स्वरूप में जारी रहेगा क्योंकि यह इस देश की जनता के सबसे बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है।
पी. संदोष ने आगे कहा कि आने वाले दिनों में हम अपना आंदोलन और तेज करेंगे, और बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे। हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्हें कोई नहीं बचा सकता।
ईसीआई मुख्यालय के बाहर भी भारी सुरक्षा बल तैनात थे, और पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
इससे पहले दिन में, दिल्ली यातायात पुलिस ने विरोध मार्च के मद्देनजर यात्रियों को प्रभावित मार्गों से बचने की सलाह दी थी।
दिल्ली यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज बंगला साहिब गुरुद्वारा से जंतर-मंतर की ओर बड़ी संख्या में लोगों के आने की आशंका के मद्देनजर, दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक यातायात में बदलाव किया जाएगा।
इसमें कहा गया कि यात्रियों को प्रभावित सड़कों से बचने, अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा, यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से धैर्य रखने, नियमों का पालन करने और क्षेत्र में तैनात यातायात कर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की। इसमें कहा गया कि भीड़भाड़ से बचने के लिए कृपया वैकल्पिक मार्गों के संकेतों और यातायात निर्देशों का पालन करें।
मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने तब और जोर पकड़ लिया जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर मतभेद हैं।
इस महीने की शुरुआत में, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व विपक्षी इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया, जिसके चलते कई नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया।
--आईएएनएस
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