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वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई से लोगों में नाराजगी, दिल्ली में वामपंथी दलों ने किया विरोध प्रदर्शन

न्यूयॉर्क, 4 जनवरी (आईएएनएस)। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई से पूरी दुनिया हैरान है। इस बीच भारत में भी अमेरिका के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला है। कई वामपंथी पार्टियों ने रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एवं उनकी पत्नी को पकड़ने की निंदा की।
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई से लोगों में नाराजगी, दिल्ली में वामपंथी दलों ने किया विरोध प्रदर्शन

न्यूयॉर्क, 4 जनवरी (आईएएनएस)। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई से पूरी दुनिया हैरान है। इस बीच भारत में भी अमेरिका के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला है। कई वामपंथी पार्टियों ने रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एवं उनकी पत्नी को पकड़ने की निंदा की।

सीपीआईएम नेताओं ने वेनेजुएला के खिलाफ 'साम्राज्यवादी सैन्य हमले' के लिए अमेरिका की कड़ी आलोचना की और दुनिया भर से अमेरिका की कड़ी आलोचना करने के लिए कहा। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने भारत की केंद्र सरकार से इस एक्शन के खिलाफ साफ और कड़ा स्टैंड लेने की अपील की है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश में तेल संसाधनों पर कब्जा करने के लिए वेनेजुएला पर हमला किया। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति लंबे समय से वेनेजुएला पर हमला करने की चेतावनी दे रहे थे। ऐसे में शनिवार को अमेरिकी सेना की कार्रवाई को इसी तरह से देखा जा रहा है।

अमेरिका ने न केवल वेनेजुएला पर हमला किया और उसके राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को कब्जे में लिया, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रांजिशन पीरियड के दौरान अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा।

इस बीच, सीपीआईएम, सीपीआई, सीपीआईएमएल, आरएसपी, और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी केंद्र से अपील की है कि वह अमेरिका के हमले की आलोचना करने और वेनेजुएला के साथ एकजुटता दिखाने के लिए दुनिया भर के देशों की आवाज में शामिल हो।

जनरल सेक्रेटरी एमए बेबी (सीपीआईएम), डी. राजा (सीपीआई), दीपांकर भट्टाचार्य (सीपीआईएमएल), जी. देवराजन (एआईएफबी), और मनोज भट्टाचार्य (आरएसपी) ने भी हमले के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि अमेरिका की कार्रवाई यूएन चार्टर का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एक संप्रभु देश के खिलाफ किया गया हमला था।

बयान में कहा गया, "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि वे वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा कर लेंगे, जिससे इस हमले के पीछे के असली इरादे सामने आ गए। अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो एक कदम और आगे बढ़ गए और चेतावनी दी कि क्यूबा और मेक्सिको उनके अगले टारगेट होंगे।"

उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका का मकसद बदनाम मोनरो डॉक्ट्रिन के ट्रंप के नतीजे को लागू करना है, जो पूरे पश्चिमी गोलार्ध को अपना इलाका मानता है और उस पर अपना असर डालता है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

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