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वैश्विक चुनौतियों के बीच लाओस सरकार ने की अहम बैठक, कीमतें नियंत्रित करने पर मंथन

वियेंटियान, 27 मई (आईएएनएस)। लाओस सरकार ने बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अहम बैठक की। जिसमें आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई।
वैश्विक चुनौतियों के बीच लाओस सरकार ने की अहम बैठक, कीमतें नियंत्रित करने पर मंथन

वियेंटियान, 27 मई (आईएएनएस)। लाओस सरकार ने बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अहम बैठक की। जिसमें आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई।

लाओस में बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच सरकार ने हालात को संभालने के लिए एक अहम बैठक की है। राजधानी वियेंटियान में हुई मासिक (मई ) सरकारी बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और देश की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए अगले महीने के लिए प्राथमिकताएं तय कीं।

सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार में चल रही अनिश्चितता और ट्रांसपोर्ट व सामान की बढ़ती लागत का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी साफ दिख रहा है, इसलिए राहत के उपाय जरूरी हो गए हैं।

सिंहुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि बैठक में सिर्फ अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और आने वाले बड़े कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री सोनेक्से सिफंडोन ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे सुझाव दिए जाएं जो सिर्फ कागज पर न रहें, बल्कि जमीन पर लागू होकर लोगों की जिंदगी में फर्क लाएं।

लाओस स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो ने बुधवार को कुछ आंकड़े जारी किए। जिसके मुताबिक, मई में लाओस की महंगाई दर 9 प्रतिशत रही थी, जो अप्रैल के मुकाबले थोड़ी कम है। पिछले माह ये 10.2 प्रतिशत थी। हालांकि रोजमर्रा की जरूरतों, घर-खर्च और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी चीजों की कीमतें अभी भी काफी ज्यादा हैं।

इसमें कहा गया है कि महंगाई में धीमी बढ़ोतरी मुख्य रूप से घरेलू फ्यूल की कम कीमतों और स्थिर एक्सचेंज रेट की वजह से हुई।

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गुड्स एंड सर्विसेज कैटेगरी में दर्ज की गई, जो 28 फीसदी थी। महंगाई बढ़ाने वाली दूसरी श्रेणी में हाउसिंग, पानी, बिजली और गैस आता है जो 20.4 प्रतिशत रहा। वहीं कम्युनिकेशन और ट्रांसपोर्ट कैटेगरी 15.5 फीसदी शामिल हैं।

19 मई को, लाओस फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट को मजबूत करने, डेट मैनेजमेंट में सुधार करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए सतत आर्थिक विकास पर जोर देने की बात कही।

वित्त मंत्रालय भी लगातार कोशिश कर रहा है ताकि सरकारी खर्च बेहतर तरीके से हो, टैक्स सिस्टम मजबूत बने और कर्ज पर नियंत्रण रखा जाए। सरकार चाहती है कि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे स्थिर हो और लोगों पर महंगाई का बोझ कम हो सके।

--आईएएनएस

केआर/

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