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केटीआर ने कांग्रेस के पूर्व नेता जीवन रेड्डी से की मुलाकात, बीआरएस में शामिल होने का दिया न्योता

हैदराबाद, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने गुरुवार को पूर्व मंत्री जीवन रेड्डी से मुलाकात कर उन्होंने बीआरएस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। जीवन रेड्डी ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया है।
केटीआर ने कांग्रेस के पूर्व नेता जीवन रेड्डी से की मुलाकात, बीआरएस में शामिल होने का दिया न्योता

हैदराबाद, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने गुरुवार को पूर्व मंत्री जीवन रेड्डी से मुलाकात कर उन्होंने बीआरएस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। जीवन रेड्डी ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया है।

रामा राव, पार्टी अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) की ओर से, वरिष्ठ नेता जीवन रेड्डी को बीआरएस में शामिल होने का न्योता देने के लिए जगतियाल में उनके घर गए। इस दौरान कई पार्टी नेता और जन प्रतिनिधि उनके साथ मौजूद रहे।

केटीआर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जीवन रेड्डी ने इस न्योते पर सकारात्मक जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि जीवन रेड्डी ने केसीआर के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे निजी जुड़ाव को स्वीकार किया और इस मुलाकात पर खुशी जताई। साथ ही, उन्होंने कहा कि वह जल्द ही केसीआर से मिलेंगे और एक-दो दिनों के भीतर अपना फैसला लेंगे।

केटीआर ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के किसानों और गरीबों को फिर से स्थिरता और खुशहाली दिलाने के लिए केसीआर का मुख्यमंत्री के तौर पर वापस आना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के विकास के सफर को फिर से पटरी पर लाने के लिए जीवन रेड्डी जैसे अनुभवी नेताओं की बहुत जरूरत है।

जीवन रेड्डी के राजनीतिक सफर पर रोशनी डालते हुए केटीआर ने कहा कि उन्होंने चार दशकों से भी ज्यादा समय तक पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस पार्टी की सेवा की है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि केसीआर ने उन्हें 2014 के चुनावों से पहले भी बीआरएस में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन उस समय पार्टी के प्रति अपनी वफादारी के चलते वह कांग्रेस में ही बने रहे।

केटीआर ने केसीआर और जीवन रेड्डी के बीच के उस पुराने और गहरे निजी रिश्ते के बारे में विस्तार से बताया, जो चार दशकों के आपसी सम्मान से बना है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में मुख्यमंत्री के तौर पर करीमनगर जिले के अपने पहले आधिकारिक दौरे के दौरान, केसीआर ने जीवन रेड्डी द्वारा मांगे गए विकास कार्यों को तुरंत मंजूरी दे दी थी, भले ही जीवन रेड्डी उस समय विपक्ष में थे। यह बात पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर दिखाई गई उनकी राजनैतिक सूझ-बूझ को दर्शाती है।

उन्होंने विधानसभा में किसानों के लिए जीवन रेड्डी की मजबूत वकालत और 'निजाम शुगर्स' जैसे मुद्दों पर उनकी लगातार लड़ाई को भी खास तौर पर ज़िक्र किया। केटीआर ने याद दिलाया कि केसीआर ने तो जीवन रेड्डी को यह प्रस्ताव भी दिया था कि अगर वे चाहें, तो महाराष्ट्र से प्रेरित एक सहकारी मॉडल के तहत उस चीनी मिल को फिर से शुरू करने में वे उनका पूरा समर्थन करेंगे, जिसमें आर्थिक मदद और नेतृत्व की जिम्मेदारी भी जीवन रेड्डी को ही दी जाएगी।

केटीआर ने इस पहल को सक्रिय रूप से समर्थन देने और जीवन रेड्डी को पार्टी में शामिल होने का न्योता देने के लिए जगतियाल जिला नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने और बीआरएस को फिर से सत्ता में लाने की दिशा में काम करने के उनके समर्पण की सराहना की और कहा कि जीवन रेड्डी के आने से पार्टी को काफी मजबूती मिलेगी।

केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि पिछले ढाई सालों में वह शासन-प्रशासन में पूरी तरह नाकाम रही है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ध्यान भटकाने वाली राजनीति का सहारा ले रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 'रायथु बंधु' योजना के तहत तीन बार किसानों का पैसा रोक लिया, जिससे किसानों का 27 हजार करोड़ रुपए का बकाया जमा हो गया, जबकि दूसरी तरफ वह कर्ज माफी के नाम पर किसानों को गुमराह करती रही। उन्होंने कहा कि इससे किसानों में भारी गुस्सा है।

केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी बातें राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अशोभनीय और अनुचित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जो महिलाओं की गरिमा का अपमान करती है और तेलंगाना के सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने सरकार पर युवाओं के साथ विश्वासघात करने का भी आरोप लगाया, क्योंकि सरकार दो लाख नौकरियां देने का अपना वादा पूरा करने में नाकाम रही, जिससे बेरोजगार युवाओं में निराशा और गुस्सा बढ़ रहा है।

केटीआर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए छह वादों (गारंटियों) में से एक भी पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले राज्य की आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी होने का दावा करने के बावजूद उन्होंने जनता को धोखा दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर ही असंतोष बढ़ रहा है और यहां तक कि पार्टी कार्यकर्ता भी बीआरएस को फिर से सत्ता में देखने की इच्छा जिहिर कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर अपने ही वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने और उनके आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।

जीवन रेड्डी ने केटीआर का आभार व्यक्त किया कि वे उनके घर आए और केसीआर की ओर से उन्हें बीआरएस में शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देना उनके लिए एक भावनात्मक फैसला था, लेकिन बीआरएस में शामिल होकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है।

जीवन रेड्डी ने कहा कि पिछले 20 महीनों में उन्हें जिस अपमान का सामना करना पड़ा, उसे उन्होंने बड़े सब्र से सहा। उन्होंने आगे कहा कि कई सरकारें देखने के बाद उन्हें लगता है कि मौजूदा सरकार उल्टी दिशा में जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका यह फ़ैसला जनता की राय पर आधारित है और उन्हें केसीआर के नेतृत्व में काम करने का जो अवसर मिला है, उससे उन्हें बहुत खुशी है।

--आईएएनएस

पीएसके

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