फॉर्मूला-ई रेस मामले में कोर्ट पहुंचे केटीआर, सुनवाई 30 अक्टूबर तक टली
हैदराबाद, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) शुक्रवार को फॉर्मूला-ई कार रेस मामले में हैदराबाद की विशेष एसीबी अदालत में पेश हुए।
अदालत के समन पर केटीआर और मामले के अन्य आरोपियों ने व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिरी लगाई। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी अरविंद कुमार और हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के पूर्व मुख्य अभियंता बी.एल.एन. रेड्डी भी अदालत में उपस्थित हुए। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की अगली तारीख 30 अक्टूबर तय की।
यह दूसरी बार है जब पूर्व मंत्री केटीआर फॉर्मूला-ई रेस मामले में अदालत में पेश हुए हैं। इससे पहले वह 31 जुलाई को अदालत पहुंचे थे, जबकि 25 अगस्त की सुनवाई से व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी।
मार्च 2026 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, वर्ष 2023 में हैदराबाद में आयोजित फॉर्मूला-ई कार रेस के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए करीब 55 करोड़ रुपये एक विदेशी कंपनी को हस्तांतरित किए गए थे।
बीआरएस शासनकाल में आयोजित इस रेस के लिए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के मामले में केटीआर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। एसीबी इस मामले में केटीआर, अरविंद कुमार और बी.एल.एन. रेड्डी से कई बार पूछताछ कर चुकी है। केटीआर से अब तक चार बार पूछताछ हुई है और वह पहले ही इस मामले को "फर्जी मामला" बता चुके हैं।
अदालत से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हैदराबाद व तेलंगाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले प्रतिष्ठित आयोजन के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उन्होंने कहा, "मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अदालत जब भी बुलाएगी, मैं पेश होऊंगा।"
केटीआर के समर्थन में बीआरएस के कई नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी नामपल्ली कोर्ट परिसर पहुंचे।
पिछले वर्ष नवंबर में तत्कालीन तेलंगाना राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने इस मामले में केटीआर के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी थी। एसीबी ने सितंबर में अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार के माध्यम से राज्यपाल को भेजकर केटीआर, अरविंद कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी।
एसीबी का आरोप है कि रेस आयोजन का अधिकार देने के बदले केटीआर को एक प्रायोजक कंपनी से 44 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड मिले। दिसंबर 2024 में एसीबी ने फॉर्मूला-ई सौदे में 54.88 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं को लेकर केटीआर, अरविंद कुमार और बी.एल.एन. रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एफआईआर के अनुसार, संबंधित नियामक प्राधिकरणों की पूर्व मंजूरी के बिना विदेशी भुगतान किए गए, जिससे एचएमडीए पर 8.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार पड़ा।
--आईएएनएस
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