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सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने स्टिंग ऑपरेशन की जांच पर भरोसा जताया, कहा- सजा मिलनी चाहिए

सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने स्टिंग ऑपरेशन की जांच पर भरोसा जताया, कहा- सजा मिलनी चाहिए
सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने स्टिंग ऑपरेशन की जांच पर भरोसा जताया, कहा- सजा मिलनी चाहिए

मैसूर, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री और मैसूर जिले के प्रभारी यतींद्र सिद्धारमैया ने शुक्रवार को अपने पिता सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन की राज्य पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और जांच की जानी चाहिए।

मैसूर में मीडिया से बात करते हुए यतींद्र ने कहा कि उनके पिता ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को स्पष्ट कर दिया है कि जांच प्रभावी ढंग से होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को, चाहे वे कोई भी हों, सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "एक पत्रकार समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की गई है। मेरे पिता को इन लोगों की हिरासत और पूछताछ के लिए पत्रकार को बुलाए जाने के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से कहा है कि जांच प्रभावी ढंग से होनी चाहिए और जो भी इसके पीछे है, उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"

यतींद्र ने कहा कि सरकार एक पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और पुलिस इस मामले को प्रभावी ढंग से संभाल रही है। हमें अपनी सरकार द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा है। हमें उम्मीद है कि जांच पारदर्शी तरीके से होगी। फिलहाल, हमारा मानना ​​है कि मामले की जांच कर रही पुलिस अपना काम अच्छे से कर रही है। अगर जांच ठीक से नहीं होती है, तो हम उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।

मैसूर दशहरा उत्सव में मुख्यमंत्री की पत्नी की भागीदारी को लेकर हुए विवाद पर, यतींद्र ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि 'जंबू सवारी' जुलूस के दौरान स्वर्ण हौदे में विराजमान देवी चामुंडेश्वरी को मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा फूल अर्पित करने में कुछ भी गलत नहीं था।

उन्होंने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने कोई सरकारी काम नहीं किया था, इसलिए इसमें प्रोटोकॉल के उल्लंघन जैसी कोई बात नहीं है, जिस पर आलोचना की जाए।

यतींद्र ने मैसूर दशहरा उत्सव के दौरान मंत्रियों को 'नंदी ध्वज पूजा' में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने अपनी हद पार कर दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) रैंक के अधिकारी ने ऐसा फैसला क्यों लिया?

यतींद्र ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मामले की जांच चल रही है। संबंधित अधिकारी को जांच टीम के सामने अपने कार्यों का स्पष्टीकरण देना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार, मंत्रियों को धार्मिक समारोह में शामिल होने से नहीं रोका जाना चाहिए था।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम

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