कर्नाटक: केपीएससी घोटाले पर भाजपा का बड़ा दावा- सच सामने आया तो कई मंत्री जाएंगे जेल
बेंगलुरु, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि अगर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती घोटाले से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो कई मंत्रियों को जेल हो सकती है। उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की जाए।
परिषद की कार्यवाही के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए नारायणस्वामी ने कहा कि केपीएससी घोटाला एक गंभीर मामला है और चल रहे सत्र में इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर केपीएससी के राज सामने आ गए तो कई मंत्री जेल जाएंगे। सदन में केपीएससी घोटाले पर चर्चा होनी चाहिए।"
परिषद के सभापति सलीम अहमद ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदन अभी सूखे और किसानों के मुद्दों पर चर्चा कर रहा है और अगर सत्र बढ़ाया जाता है तो केपीएससी के मामले पर बाद में विचार किया जा सकता है।
नारायणस्वामी ने कहा कि सदन पहले ही सूखे और किसानों से जुड़े मुद्दों पर दो दिन चर्चा कर चुका है। उन्होंने चेयरमैन से आग्रह किया कि अगर सत्र बढ़ाया जाता है तो केपीएससी के मुद्दे पर चर्चा का मौका दिया जाए।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे पहले ही नियम 69 के तहत स्थगन प्रस्ताव पेश कर चुके हैं। नारायणस्वामी के मुताबिक, चेयरमैन ने उन्हें पहले भरोसा दिलाया था कि अगर सत्र बढ़ाया गया तो इस मुद्दे पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, "आज भी सदन के कामकाज की सूची में यह मामला शामिल नहीं है और आज सत्र का आखिरी दिन है। कृपया इस पर ध्यान दें। यह एक गंभीर मुद्दा है और मामला पहले ही अदालत तक पहुंच चुका है।"
सलीम अहमद ने कहा कि सूखे और किसानों के मुद्दों पर चर्चा अभी भी चल रही है और करीब 15 सदस्यों को अभी बोलना बाकी है, जिसके बाद सरकार जवाब देगी।
चेयरमैन ने कहा, "जब किसानों और सूखे पर चर्चा पूरी हो जाएगी, तब मैं इस मामले पर बात करूंगा।"
जब नारायणस्वामी ने इस मुद्दे को उठाने पर जोर दिया, तो सलीम अहमद ने उनसे धैर्य रखने को कहा और बताया कि वह सदन के एजेंडे के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे।
चेयरमैन ने कहा, "किसानों के संकट पर चर्चा करना उचित और सही है। अभी मैं सिर्फ किसानों और सूखे से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा कर सकता हूं। जब तक वह चर्चा पूरी नहीं हो जाती, मैं कोई और मामला नहीं उठा सकता।"
केपीएससी के बारे में सीएम डीके शिवकुमार की कथित टिप्पणियों का जिक्र करते हुए नारायणस्वामी ने सवाल उठाया कि सरकार कमीशन को बंद करने की बात कैसे कर सकती है। उन्होंने कहा, "कोई यह कैसे कह सकता है कि केपीएससी को बंद कर दिया जाएगा? किस कानून के तहत इसकी इजाजत है? यह सही नहीं है।"
इस मुद्दे पर काउंसिल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच बहस हुई। शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए सदन में इस पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
चेयरमैन सलीम अहमद ने कहा कि जॉइंट बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में केपीएससी का मुद्दा नहीं उठाया गया था। उस बैठक में विपक्ष ने मुख्य रूप से सूखे और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए सत्र को बढ़ाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि इस मामले पर तब चर्चा की जा सकती है ,जब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सदन में मौजूद हों, और उन्होंने संकेत दिया कि वे इस मुद्दे को उठाने की अनुमति देंगे।
--आईएएनएस
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