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केपीएससी भर्ती घोटाला : सीआईडी ने सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट, कैश ट्रेल और ओएमआर में हेरफेर का खुलासा

केपीएससी भर्ती घोटाला : सीआईडी ने सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट, कैश ट्रेल और ओएमआर में हेरफेर का खुलासा
केपीएससी भर्ती घोटाला : सीआईडी ने सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट, कैश ट्रेल और ओएमआर में हेरफेर का खुलासा

बेंगलुरु, 22 सितंबर (आईएएनएस) कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती मामले में सीआईडी ने अपनी जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट कर्नाटक सरकार और ट्रायल कोर्ट को सौंप दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

केपीएससी के जरिए वेटरनरी ऑफिसर की भर्ती में कथित घोटाले पर सीआईडी की रिपोर्ट में पैसे के लेनदेन, बिचौलियों की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर का पूरा ब्योरा दिया गया है।

रिपोर्ट में गिरफ्तार भाजपा नेता बसवराज कनाले समेत बिचौलियों और अधिकारियों की भूमिका का जिक्र है। सीआईडी की जांच में 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम ट्रेस या जब्त की गई है। इसके अलावा करीब 22 लाख रुपए के सोने और हीरे के गहने भी मिले हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी भाजपा नेता बसवराज कनाले की भूमिका अहम है। उस पर आरोप है कि उसने उम्मीदवारों को वेटरनरी ऑफिसर का पद दिलाने का वादा करके उनसे पैसे वसूले।

जांच में पता चला कि कम से कम तीन उम्मीदवारों ने बसवराज कनाले को 60 लाख रुपए कैश दिए। किरण गौड़ा ने 10 लाख रुपए, मोहम्मद सोहेल ने 20 लाख रुपए और सलीम ओंती ने 30 लाख रुपए दिए।

सीआईडी ने कनाले और उसके सहयोगियों से जुड़े कई बैंक अकाउंट में बड़ी रकम ट्रेस की है। ओम लक्ष्मी सौहार्द को-ऑपरेटिव बैंक के एक अकाउंट में 64 लाख रुपए मिले जबकि कोटक महिंद्रा बैंक के अकाउंट में 5.2 लाख रुपए मिले। कनाले की पत्नी के अकाउंट में भी करीब 71 लाख रुपए मिले।

एजेंसी ने कनाले के पास से 5.60 लाख रुपए कैश भी जब्त किए हैं। अलग-अलग अकाउंट में ट्रेस या फ्रीज की गई कुल रकम करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है।

सीआईडी रिपोर्ट में जेल में बंद आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की भूमिका का भी जिक्र है, जो केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के तौर पर काम कर चुके हैं। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में ओएमआर आंसर शीट में हेरफेर करने में मदद की।

जांच में यह भी सामने आया कि ज्ञानेंद्र कुमार ने अपनी एक महिला मित्र को करीब 20 लाख रुपए के गहने दिए थे। गहनों का यह लेन-देन भी जांचकर्ताओं द्वारा देखे जा रहे फाइनेंशियल ट्रेल का हिस्सा है।

सीआईडी ने कनाले समेत पांच बिचौलियों की पहचान की है, जिन पर इस भर्ती घोटाले में भूमिका निभाने का आरोप है। जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि कैसे बिचौलियों ने उम्मीदवारों से संपर्क किया, पैसे वसूले और परीक्षा से जुड़े मटेरियल तक पहुंच बनाई।

बता दें कि यह भर्ती 400 वेटरनरी ऑफिसर पदों के लिए थी। परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद प्रश्न पत्र लीक, ओएमआर शीट में हेरफेर और उम्मीदवारों से बड़ी रकम मांगने के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद सीआईडी ने जांच शुरू की थी।

अब कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस जांच को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को सौंप दिया गया है। हाईकोर्ट ने सीनियर आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व वाली एसआईटी को 100 दिनों के अंदर जांच पूरी करने और समय-समय पर प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सीआईडी को केस के रिकॉर्ड एसआईटी को सौंपने के लिए कहा गया है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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