कोटा नाव हादसा: 18 घंटे की तलाश के बाद लापता चार युवकों के शव बरामद
जयपुर, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के कोटा जिले में एक नहर में नाव पलटने के बाद लापता हुए चार युवकों के शव बुधवार सुबह दुर्घटना के लगभग 18 घंटे बाद बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि ये शव दुर्घटना वाली जगह से लगभग 100 मीटर आगे (पानी के बहाव की दिशा में) मिले।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने बुधवार सुबह 5.30 बजे तलाशी अभियान फिर से शुरू किया। विकास वर्मा उर्फ सुमन (22) और सूरज सिंह (22) के शव सबसे पहले बरामद किए गए। कुछ घंटों बाद आशु जोशी (19) और राहुल जोशी (18) के शव भी बरामद किए गए। आशु और राहुल चचेरे भाई थे।
यह हादसा मंगलवार शाम करीब 5.30 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ। नाव पलटने से सात लोग पानी में बह गए थे, लेकिन एक महिला और नाव चलाने वाले (नाविक) सहित सिर्फ तीन लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। बताया गया कि यह हादसा उसी दिन हुआ, जब नहर में पानी छोड़ा गया था। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान अचानक हुए इस हादसे के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।
अतिरिक्त एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा के अनुसार, अंधेरा होने के कारण बचाव अभियान मंगलवार रात 10.30 बजे तक रोक दिया गया। बुधवार सुबह टीमों ने फिर से तलाशी अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ की प्रभारी एकता हाडा ने बताया कि बचाव कार्य के लिए छह नावें लगाई गई थीं, जिनमें से तीन एनडीआरएफ से और तीन एसडीआरएफ से हैं।
तलाशी अभियान को नहर में आगे की ओर उमेदगंज तक बढ़ाया गया, जहां टीमों ने नहर के अलग-अलग हिस्सों की छानबीन की। लापता युवकों को खोजने में मदद के लिए स्थानीय मछुआरे भी बचाव कार्य में शामिल हुए। इस हादसे में बचने वालों में दीपक, मान कंवर और नाविक सुरेश शामिल थे। बताया गया कि नाव चालक हादसे के बाद मौके से भाग गया था।
घटना के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी मौके पर पहुंचे थे। कोटा के जिला कलेक्टर, सिटी पुलिस अधीक्षक, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और तहसीलदार सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी वहां मौजूद थे।
--आईएएनएस
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