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केरल चुनाव: शुरुआती रुझानों में कांग्रेस गठबंधन को बढ़त, एलडीएफ पिछड़ा

तिरुवनंतपुरम, 4 मई (आईएएनएस)। केरल में विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बढ़त हासिल की है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) रुझानों में काफी पीछे है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने एक सीट पर अपना खाता खोला है।
केरल चुनाव: शुरुआती रुझानों में कांग्रेस गठबंधन को बढ़त, एलडीएफ पिछड़ा

तिरुवनंतपुरम, 4 मई (आईएएनएस)। केरल में विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने बढ़त हासिल की है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) रुझानों में काफी पीछे है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने एक सीट पर अपना खाता खोला है।

केरल में सुबह 8 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। सुबह पहले आधे घंटे पोस्टल बैलेट से वोट गिने गए, जिसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती शुरू की गई। सुबह 9 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस को अकेले 19 सीटों पर बढ़त मिली, जबकि माकपा 9, आईयूएमएल 3 और भाकपा 2 सीटों पर आगे चल रही है।

कई महीनों तक चले राजनीतिक संघर्ष और चुनावी प्रचार के बाद सोमवार को यह साफ हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी। एग्जिट पोल में ज्यादातर ने सत्ता परिवर्तन का अनुमान जताते हुए यूडीएफ के पक्ष में माहौल बताया है।

हालांकि, एलडीएफ तीसरी बार लगातार सत्ता में वापसी को लेकर आश्वस्त है और अपनी कल्याणकारी योजनाओं व शासन के रिकॉर्ड पर भरोसा जता रहा है। एलडीएफ, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में 'विकास और कल्याण' के एजेंडे पर चुनाव लड़ रहा है। वह बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अपनी ताकत बता रहा है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में मतदाता थकान की चिंता भी है।

वहीं एनडीए अपने वोट शेयर में सुधार करने और करीबी मुकाबले में 'किंगमेकर' की भूमिका निभाने की कोशिश में है। उसे हाई-प्रोफाइल प्रचार और कुछ प्रमुख समुदायों में बढ़त से उम्मीदें हैं।

यूडीएफ ने महंगाई, भ्रष्टाचार के आरोप और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सत्ता विरोधी लहर पर जोरदार प्रचार किया है। उसका लक्ष्य 80-90 सीटें जीतने का है, हालांकि नेतृत्व को लेकर आंतरिक मतभेद उसके लिए चुनौती बन सकते हैं।

जिन प्रमुख सीटों पर नजर रहेगी, उनमें धर्मदम, परावुर और हरिपद के अलावा त्रिशूर, पलक्कड़, नेमोम और निलांबुर शामिल हैं।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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