केरल: आत्मग्लानि में निकले 40 साल फिर कबूली दोहरे हत्याकांड की बात
कोझिकोड, 2 जून (आईएएनएस)। लगभग 40 सालों तक एक खौफनाक राज ऐसे आदमी के मन में कैद रहा, जो गुनाह के बोझ तले दबा हुआ था। फिर, उसने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने अनुभवी जांचकर्ताओं को भी चौंका दिया।
कूदारंजी के रहने वाले 55 साल के मोहम्मद एक पुलिस स्टेशन में गए और एक ऐसे जुर्म का इकबालिया बयान दिया, जिसकी न कभी रिपोर्ट की गई थी, न जांच हुई थी और न ही वह कभी सुलझ पाया था।
उसने अधिकारियों से कहा, "मैंने दो लोगों को मारा है। मुझे गिरफ्तार कर लो।" जो बात शुरू में एक अविश्वसनीय दावा लग रही थी, वह अब केरल की सबसे असाधारण आपराधिक जांचों में से एक बन गई है।
लगभग एक साल की जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि मोहम्मद का इकबालिया बयान मनगढ़ंत नहीं था। जांचकर्ताओं ने आधिकारिक तौर पर यह साबित कर दिया है कि नवंबर 1986 में मोहम्मद द्वारा कथित तौर पर मारा गया व्यक्ति मोहनन था, जो कन्नूर जिले के इरिट्टी का रहने वाला था।
इस इकबालिया बयान ने केरल पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। मोहम्मद ने दावा किया था कि उसने दो हत्याएं तब की थीं, जब वह सिर्फ 14 साल का था।
कोई औपचारिक शिकायत न होने, पीड़ितों की पहचान न होने और उस समय के बहुत कम दस्तावेजी सबूत उपलब्ध होने के कारण जांचकर्ताओं को लगभग 40 साल पुरानी घटनाओं को फिर से जोड़कर समझना पड़ा।
पिछले 11 महीनों में पुलिस ने लापता लोगों के रिकॉर्ड, पुराने दस्तावेजों और स्थानीय लोगों के बयानों की जांच की, और साथ ही मोहम्मद द्वारा दी गई जानकारियों को भी सावधानी से परखा। आखिरकार, जांच उन्हें मोहनन तक ले गई, जिसकी पहचान अब आधिकारिक तौर पर हो चुकी है।
पुलिस की जांच के बाद मोहम्मद ने कहा कि उसे बहुत राहत महसूस हुई कि आखिरकार पीड़ित की पहचान हो गई है।
उसने कहा, "यह एक गंभीर गलती थी जो मैंने उस उम्र में की थी जब मुझमें समझ और परिपक्वता की कमी थी। जब मुझे एहसास हुआ कि मैंने कितना बड़ा गुनाह किया है तो लगा कि मुझे अपना गुनाह कबूल कर लेना चाहिए। मैं कानून द्वारा दी जाने वाली किसी भी सजा को भुगतने के लिए तैयार हूं।"
मोहम्मद ने आगे कहा कि उसे उम्मीद है कि जांचकर्ता जल्द ही दूसरी कथित हत्या के पीड़ित की भी पहचान कर पाएंगे, जिसके बारे में उसने दावा किया था कि वह कोझिकोड के वेल्लायिल बीच पर हुई थी।
शुरू में तो उसके अपने परिवार वालों ने भी उसके इस इकबालिया बयान को खारिज कर दिया था। उसके भाई ने तो सबके सामने यह भी कहा था कि मोहम्मद कोई हत्यारा नहीं है, और उसने यह भी कहा था कि वह शायद मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। पुलिस की जांच के नतीजों ने अब उस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है।
पूरे एक साल तक चली जांच ने एक ऐसी हत्या की गुत्थी को सुलझा दिया है, जो चार दशकों से दबी हुई थी और यह एक बार फिर साबित कर दिया है कि कुछ राज हमेशा के लिए छिपे नहीं रह सकते।
--आईएएनएस
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