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अवमानना मामले में वरिष्ठ नौकरशाह हनीश ने केरल हाईकोर्ट से माफी मांगी, अगली सुनवाई 2 जुलाई को

कोच्चि, 22 जून (आईएएनएस)। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मोहम्मद हनीश सोमवार को केरल हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस मामले में उन्होंने कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी। मोहम्मद हनीश पहले उद्योग विभाग में प्रधान सचिव थे।
अवमानना मामले में वरिष्ठ नौकरशाह हनीश ने केरल हाईकोर्ट से माफी मांगी, अगली सुनवाई 2 जुलाई को

कोच्चि, 22 जून (आईएएनएस)। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मोहम्मद हनीश सोमवार को केरल हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। अदालत के निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही चल रही है। इस मामले में उन्होंने कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी। मोहम्मद हनीश पहले उद्योग विभाग में प्रधान सचिव थे।

यह पेशी तब हुई, जब कोर्ट ने केरल राज्य काजू विकास निगम (केएससीडीसी) के पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से हनीश के बार-बार इनकार करने पर कड़ी नाराजगी जताई। यह इनकार तब किया गया था, जब कोर्ट की जांच के नतीजों को ध्यान में रखते हुए मामले पर फिर से विचार करने के खास निर्देश दिए गए थे।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने कोर्ट के बार-बार दिए गए आदेशों का पालन न करने पर हनीश से सवाल किया। जज ने पूछा कि क्या अधिकारी अदालत के आदेशों और फैसलों को समझने में सक्षम था और वह निर्देशों के अनुसार आदेश क्यों जारी नहीं कर सका।

उन्होंने पूछा, "क्या मेरा यह कहना सही है कि आप इस अदालत के आदेशों और फैसलों को समझने में सक्षम हैं? क्या आपने इस अदालत द्वारा दिए गए आदेशों को बार-बार पढ़ा है? तो फिर, इस अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आप यह आदेश क्यों जारी नहीं कर सकते?"

जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने कहा कि हनीश ने बार-बार कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी की और ऐसा लगा कि उन्होंने इस मामले में अपनी ही राय बना ली थी। वह भी पक्षपातपूर्ण तरीके से।

कडाकम्पल्ली मनोज ने यह अवमानना ​​याचिका तब दायर की थी, जब उस समय इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट का कामकाज संभाल रहे हनीश ने हाईकोर्ट के उस आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें उन्हें मंजूरी के मामले पर फिर से विचार करने को कहा गया था; कोर्ट को केएससीडीसी के पूर्व अधिकारियों पर मुक़दमा चलाने के लिए शुरुआती सबूत मिले थे।

हाई कोर्ट ने पहले हनीश के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें मंजूरी देने से इनकार किया गया था और उन्हें मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए नया आदेश जारी करने का निर्देश दिया था।

अतिरिक्त अवसर दिए जाने के बावजूद हनीश ने फिर से अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद अदालत ने अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।

हनीश ने डिवीजन बेंच के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद अदालत ने उसकी उपस्थिति पर जोर दिया।

सोमवार की सुनवाई के दौरान हनीश ने बिना शर्त माफी मांगते हुए एक हलफनामा पेश किया। अदालत ने उनकी बात दर्ज की और नोट किया कि तब से उन्हें उद्योग विभाग के सचिव के पद से हटा दिया गया है।

इस बीच अदालत ने पहले काजू विकास विभाग के वर्तमान प्रभारी अधिकारी के. बिजू को 9 जुलाई तक केएससीडीसी के कथित भ्रष्ट पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पर आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हनीश की माफी पर विचार करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए मामले को 2 जुलाई के लिए स्थगित कर दिया।

यह विवाद केएससीडीसी के पूर्व अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है, जिसमें अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी थी।

हाईकोर्ट ने तब दखल दिया जब उसने पाया कि मंजूरी देने से इनकार करने वाला पिछला प्रशासनिक फैसला, उपलब्ध सामग्री के आधार पर उसकी अपनी टिप्पणियों के उलट था।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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