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केरल के सीएम नाम को लेकर उलझन बढ़ी, कांग्रेस आलाकमान की ओर से सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ की जीत के आठ दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बना हुआ है। 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों के साथ सत्ता में वापसी करने वाली यूडीएफ सरकार अभी तक अपना नेता नहीं चुन पाई है। जिस फैसले की उम्मीद चुनाव परिणाम के तुरंत बाद की जा रही थी, वह अब एक सस्पेंस में बदल चुका है।
केरल के सीएम नाम को लेकर उलझन बढ़ी, कांग्रेस आलाकमान की ओर से सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ की जीत के आठ दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बना हुआ है। 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों के साथ सत्ता में वापसी करने वाली यूडीएफ सरकार अभी तक अपना नेता नहीं चुन पाई है। जिस फैसले की उम्मीद चुनाव परिणाम के तुरंत बाद की जा रही थी, वह अब एक सस्पेंस में बदल चुका है।

राज्य में जीत का जश्न जारी है, लेकिन दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान लगातार बैठकों, रणनीति और अंदरूनी चर्चाओं में जुटी हुई है। मंगलवार को यह सस्पेंस ज्यादा गहराने वाला है, क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता थिरुवंचूर राधाकृष्णन को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया है।

फिलहाल कांग्रेस के 63 विधायकों में सबसे ज्यादा समर्थन एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल को मिलता दिख रहा है। उनके बाद वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन का नाम चर्चा में है।

हालांकि, केसी वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे आने से पार्टी के एक बड़े वर्ग में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मानना है कि यह पद वीडी सतीशन को मिलना चाहिए, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में पिनराई विजयन सरकार के खिलाफ आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाई और सरकार को लगातार घेर कर रखा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जहां केसी वेणुगोपाल के पास राहुल गांधी और केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा हासिल है, वहीं सतीशन को जमीनी स्तर पर कांग्रेस समर्थकों का भावनात्मक समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, रमेश चेन्निथला भी अपने लंबे प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव के कारण मजबूत दावेदार बने हुए हैं।

अब यह बहस पार्टी दफ्तरों से निकलकर जनता के बीच भी पहुंच चुकी है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक मौजूदा सांसद को केरल का मुख्यमंत्री क्यों बनाया जाए? हालांकि, कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान के लिए यह कोई बड़ी चिंता नहीं है। वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी जैसे उदाहरणों का हवाला दे रहे हैं, जिन्होंने सांसद रहते हुए या केंद्र की राजनीति से राज्य की कमान संभाली थी।

दिल्ली रवाना होने से पहले थिरुवंचूर राधाकृष्णन ने कहा कि मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वहीं, वरिष्ठ नेता एमएम हसन ने उम्मीद जताई कि अब और देरी नहीं होगी और जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

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