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के. कविता ने रेवंत रेड्डी के क्षेत्र में वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण

के. कविता ने रेवंत रेड्डी के क्षेत्र में वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण
के. कविता ने रेवंत रेड्डी के क्षेत्र में वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण

हैदराबाद, 29 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना रक्षा सेना की नेता के. कविता ने सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग से कोडंगल विधानसभा क्षेत्र में एक लाख मतदाताओं के विवरण में पिछले डेढ़ साल में हुए बदलावों को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की।

उन्होंने आधिकारिक रिकॉर्ड और टीआरएस द्वारा जुटाए गए सबूतों का हवाला देते हुए कहा कि कोडंगल में कुल 2.46 लाख मतदाताओं में से लगभग 1 लाख मतदाताओं के विवरण पिछले 18 महीनों में बदले गए हैं।

पूर्व सांसद ने मीडिया से कहा कि निर्वाचन आयोग को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने बड़े पैमाने पर बदलाव कैसे हुए? उन्होंने कहा कि 11,000 से अधिक मतदाता कर्नाटक की मतदाता सूची में भी दर्ज हैं और करीब 33,000 डुप्लीकेट वोटर एंट्री पाई गई हैं, जो 2023 की जीत के अंतर से अधिक है। उन्होंने कहा कि ये तथ्य मतदाता सूची की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

कविता ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने लगभग इसी अंतर से चुनाव जीता है तो निर्वाचन आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इन डुप्लीकेट और अंतर-राज्यीय वोटों ने परिणाम को प्रभावित किया।

कविता के अनुसार, उनकी पार्टी की जांच में कोडंगल में 22,433 डुप्लीकेट मतदाता प्रविष्टियां मिली हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगभग 11,000 मतदाता कोडंगल और कर्नाटक के पड़ोसी सेदम विधानसभा क्षेत्र दोनों में पंजीकृत हैं, जिससे निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की विसंगतियां संदेह पैदा कर रही हैं और यह सवाल उठ रहा है कि क्या निर्वाचन आयोग मुख्यमंत्री के पक्ष में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग को इस मामले में जवाब देना चाहिए और पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्या सिर्फ पैसे ही कर्नाटक से तेलंगाना आ रहे हैं या वोट भी ट्रांसफर हो रहे हैं?

उन्होंने देश में 'वन नेशन, वन इलेक्शन, वन वोट' की जरूरत बताते हुए कहा कि हर योग्य नागरिक का केवल एक ही वैध वोटर रजिस्ट्रेशन होना चाहिए, चाहे वह कहीं भी रहता हो। उन्होंने कहा कि अगर अंतर-राज्यीय डुप्लीकेट वोटरों की पहचान नहीं होती तो विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य ही खत्म हो जाता है।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता जनता के विश्वास के लिए जरूरी है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कोडंगल में हाल के वर्षों में केवल 808 वोट हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बोदन विधानसभा क्षेत्र में करीब 7,000 वोट कैसे हटाए गए। टीआरएस नेता के अगले विधानसभा चुनाव में बोदन से चुनाव लड़ने की संभावना है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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