केरल की तर्ज पर भूमि सर्वे के लिए आयोग गठित करे कर्नाटक सरकार : कोटा श्रीनिवास पुजारी
बेंगलुरु, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने सोमवार को कर्नाटक सरकार से मांग की कि वह कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के तहत राज्य में जमीन का विस्तृत सर्वे करने के लिए एक एक्सपर्ट कमीशन बनाए जैसा कि केरल में किया गया था।
पुजारी उडुपी-चिकमगलूर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां इस रिपोर्ट को लेकर काफी चिंताएं हैं।
श्रीनिवास पुजारी ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कमीशन को सर्वे पूरा करने और केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने से एक साल का समय दिया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया में वन और गैर-वन क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग किया जाना चाहिए और किसानों तथा प्रभावित समुदायों को होने वाली परेशानियों को रोकने के उपाय सुझाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लोगों के हित में भाजपा राज्य सरकार के साथ खड़ी रहेगी। अगर कस्तूरीरंगन और माधव गाडगिल की रिपोर्ट में कोई कमी थी, तो उस समय की केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की भूमिका का भी जिक्र किया जाना चाहिए।
श्रीनिवास पुजारी ने बताया कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों और कार्यवाही को ध्यान में रखते हुए यह नोटिफिकेशन जारी किया था। याद दिलाया कि उन्होंने पहले के और मौजूदा मुख्यमंत्रियों से सिफारिशों को लागू करने से जुड़ी चिंताओं पर गौर करने के लिए एक आयोग बनाने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, "कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। भ्रम न फैलाएं। अगर सरकार किसानों के हितों की रक्षा करना चाहती है, तो हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।"
कर्नाटक में सूखे की स्थिति पर पुजारी ने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने और किसानों तथा निर्वाचन क्षेत्रों के साथ समान व्यवहार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय किए जाने चाहिए जिनसे मवेशियों की सुरक्षा हो और काम की तलाश में पलायन करने को मजबूर लोगों की मदद हो सके।
उन्होंने प्रभावित लोगों को रोजगार और मदद देने के लिए सूखा-राहत उपायों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों की समस्याओं को हल करने में सरकार का सहयोग करेगी।
वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद पर श्रीनिवास पुजारी ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक और चुनावी कारणों से राष्ट्रगीत का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार से टकराव के बजाय वंदे मातरम का सम्मान सुनिश्चित करें। चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पुजारी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों ने साफ कर दिया है कि आयोग के भीतर कोई मतभेद नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्पष्टीकरण ने लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और कांग्रेस को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर कांग्रेस के विरोधाभासी रुख की भी आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस कर्नाटक और केरल में जीतती है तो वह ईवीएम को स्वीकार करती है, लेकिन जब पश्चिम बंगाल में भाजपा जीतती है तो वह उन पर सवाल उठाती है। पुजारी ने कहा कि ऐसे आरोपों और शिकायतों पर संबंधित तथ्यों पर विचार किए बिना बात करने के बजाय, तथ्यात्मक आधार पर विचार किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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