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डीएमके नेता सेंथिल बालाजी के चेन्नई आवास पहुंची पुलिस, कई मामलों के बीच बढ़ी सियासी हलचल

चेन्नई, 20 जून (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के पूर्व बिजली एवं आबकारी मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के चेन्नई स्थित आवास पर शनिवार को करूर जिले की पुलिस टीम पहुंची। इस कार्रवाई के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि पूर्व मंत्री पहले से ही कई जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं।
डीएमके नेता सेंथिल बालाजी के चेन्नई आवास पहुंची पुलिस, कई मामलों के बीच बढ़ी सियासी हलचल

चेन्नई, 20 जून (आईएएनएस)। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के पूर्व बिजली एवं आबकारी मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के चेन्नई स्थित आवास पर शनिवार को करूर जिले की पुलिस टीम पहुंची। इस कार्रवाई के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि पूर्व मंत्री पहले से ही कई जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, करूर पुलिस की टीम एमआरसी नगर स्थित सेंथिल बालाजी के आवास पर पहुंची और वहां पूछताछ की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने के समय सेंथिल बालाजी घर पर मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि पुलिस उनके भाई अशोक की भी तलाश कर रही थी और उससे जुड़े कुछ मामलों में जानकारी जुटा रही है।

हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। करूर जिला पुलिस और तमिलनाडु पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि पूछताछ किस मामले या शिकायत के आधार पर की गई।

पश्चिमी तमिलनाडु के प्रभावशाली डीएमके नेताओं में गिने जाने वाले सेंथिल बालाजी पिछले कुछ वर्षों से कई जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। उनके कार्यकाल से जुड़े कई मामलों की जांच अभी भी जारी है।

इनमें सबसे चर्चित कथित 'नौकरी के बदले नकदी' (कैश-फॉर-जॉब) घोटाला है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कर रहा है। इस मामले में ईडी पहले भी उनसे जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर चुकी है।

इसके अलावा तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टैस्मैक) में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर भी ईडी ने राज्यभर में कई स्थानों पर छापे मारे थे। वहीं आयकर विभाग ने हाल ही में सेंथिल बालाजी के करीबी सहयोगियों से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली थी।

पूर्व बिजली मंत्री के कार्यकाल में ट्रांसफार्मर खरीद में कथित अनियमितताओं का मामला भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां करीब 400 करोड़ रुपये के खरीद लेनदेन में सरकारी खजाने को संभावित नुकसान पहुंचने के आरोपों की जांच कर रही हैं।

हाल ही में एक और विवाद तब सामने आया, जब चेन्नई के अन्ना सलाई स्थित तमिलनाडु बिजली बोर्ड मुख्यालय से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड वाले हार्ड डिस्क गायब होने की सूचना मिली। शिकायत के आधार पर चिंताद्रिपेट पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

इसी पृष्ठभूमि में करूर पुलिस की शनिवार की कार्रवाई ने सेंथिल बालाजी से जुड़े मामलों में नए घटनाक्रम की अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है और पूछताछ की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है।

--आईएएनएस

डीएससी

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